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पश्चिम बंगाल में 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां पहुंचेंगी

कोलकाता, 23 मार्च (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में अतिरिक्त केंद्रीय बल पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग के एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि इस बार बंगाल चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,400 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
 
पश्चिम बंगाल में 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां पहुंचेंगी

कोलकाता, 23 मार्च (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में अतिरिक्त केंद्रीय बल पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग के एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि इस बार बंगाल चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,400 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

गौरतलब है कि इनमें से 480 केंद्रीय बल कंपनियां इसी महीने की शुरुआत में राज्य में तैनात की जा चुकी थीं।

खबरों के मुताबिक, केंद्रीय बलों की 300 और कंपनियां 31 मार्च तक राज्य में पहुंच जाएंगी। इसके बाद शेष बल चरणबद्ध तरीके से पहुंचेंगे।

इस बीच, चुनाव आयोग ने इस विशाल सुरक्षा बल को कैसे और कहां तैनात किया जाए, इस संबंध में पहले ही एक बैठक कर ली है।

खबरों के मुताबिक, सोमवार को बाद में एक और बैठक होने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष गर्ग करेंगे। बताया जा रहा है कि यह बैठक ऑनलाइन होगी।

उपायुक्त मनीष गर्ग के अलावा, इस बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।

इसके बाद, चुनाव आयोग जिला निर्वाचन अधिकारियों (जो जिला मजिस्ट्रेट भी होते हैं) और पुलिस अधीक्षकों के साथ चुनाव सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए एक और बैठक करेगा। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

बंगाल में मतदान दो चरणों में होना है - 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को। चुनाव आयोग ने दोनों चरणों में हिंसक घटनाओं से बचने के लिए कई उपाय किए हैं।

खबर है कि इस बार केंद्रीय बलों की कार्रवाई केवल मतदान केंद्रों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मतदान क्षेत्र के आसपास कहीं भी कोई अप्रिय घटना होने पर केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है।

इसके अलावा, यदि मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं को धमकाने या डराने-धमकाने के संबंध में विश्वसनीय आरोप सामने आते हैं, तो पुनर्निर्वाचन का आदेश दिया जा सकता है।

आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मतदान में धांधली, नागरिक अशांति या मतदान केंद्रों पर जबरन कब्जा जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

--आईएएनएस

एमएस/