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बिहार: नालंदा में रिश्वतखोरी के आरोप में स्वास्थ्य अधिकारी गिरफ्तार

पटना, 26 मार्च (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करते हुए सतर्कता जांच ब्यूरो (वीआईबी) ने गुरुवार को नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में एक बड़ा अभियान चलाया। वीआईबी ने इस दौरान रिश्वत लेने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
 
बिहार: नालंदा में रिश्वतखोरी के आरोप में स्वास्थ्य अधिकारी गिरफ्तार

पटना, 26 मार्च (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करते हुए सतर्कता जांच ब्यूरो (वीआईबी) ने गुरुवार को नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में एक बड़ा अभियान चलाया। वीआईबी ने इस दौरान रिश्वत लेने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई नगरनौसा ब्लॉक में की गई, जहां एक आशा कार्यकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के संबंध में रिश्वतखोरी की शिकायत सामने आई।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सतर्कता अधिकारियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (बीसीएम) मनजीत कुमार को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने नगरनौसा निवासी बॉबी कुमारी से पहले 25,000 रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद, रकम 10,000 रुपए पर तय हुई।

रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद जांच शुरू हुई और आरोपों की पुष्टि हुई।

इन निष्कर्षों के आधार पर सतर्कता विभाग की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पैसे सौंपे गए, अधिकारी हरकत में आए और आरोपी को उसके घर से ही मौके पर गिरफ्तार कर लिया, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी ने पुष्टि की कि शिकायत 23 फरवरी को दर्ज की गई थी और सत्यापन के बाद छापेमारी दल का गठन किया गया और ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इस घटना से स्वास्थ्य प्रशासन में सनसनी फैल गई है और बिहार में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बीच कर्मचारियों में डर का माहौल साफ तौर पर महसूस हो रहा है।

गौरतलब है कि यह नालंदा के नगरनौसा ब्लॉक में सतर्कता जांच ब्यूरो द्वारा एक सप्ताह के भीतर की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो क्षेत्र में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का संकेत देती है।

इससे पहले, 20 मार्च को ब्लॉक कार्यालय में तैनात एक ब्लॉक पंचायती राज अधिकारी (बीपीआरओ) को भी 12,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

--आईएएनएस

एमएस/