एसआईआर नोटिस के बाद 17.03 लाख वोटरों के दस्तावेज वेरिफाई किए गए: दिल्ली सीईओ
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने कहा कि शुक्रवार तक, एसआईआर नोटिस पाने वाले मतदाताओं से मिले दस्तावेजों के आधार पर 'नो-मैपिंग' और 'लॉजिकल विसंगति' के 17,03,515 मामलों की पुष्टि की गई है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईआर के शेड्यूल के अनुसार सभी नोटिस/दावे और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को जारी एक बयान में, दिल्ली के सीईओ ने भरोसा दिलाया कि जो भी योग्य वोटर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करेंगे, उन्हें एनसीटी दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा।
सीईओ ऑफिस के बयान में कहा गया है कि जिन योग्य वोटरों ने कैंप में सर्विस का फायदा नहीं उठाया है, वे 30 अक्टूबर तक फॉर्म-6 समेत दूसरे फॉर्म ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ और तय जगहों (पोलिंग स्टेशन) पर जाकर जमा कर सकते हैं।
बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को वोटरों की सुविधा के लिए दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप लगाए गए थे।
हाल ही में तोड़ी गई कॉलोनियों, जैसे वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र के जेलरवाला बाग, के वोटरों के लिए भी स्पेशल कैंप लगाए गए थे। साथ ही, मंगोलपुरी के एस-ब्लॉक, ए-ब्लॉक, यू-ब्लॉक और एन-ब्लॉक में भी स्पेशल कैंप लगाए गए थे।
बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को इंडियन एडल्ट एजुकेशन, आईपी एस्टेट में ट्रांसजेंडर वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी एक स्पेशल कैंप लगाया गया था।
बयान में कहा गया, "दिल्ली में चल रहे एसआईआर के दौरान छूटे हुए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऐसे ही कैंप लगते रहेंगे। जिन योग्य वोटरों के नाम 31.08.2026 को पब्लिश हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उनसे गुजारिश है कि वे वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए इन कैंप में जाएं।"
बुधवार और गुरुवार को, सीईओ ने राजधानी के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में स्पेशल कैंप लगाए। यह दो दिन का एक प्रोग्राम था जिसमें बीएलओ ने छात्रों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए जरूरी फॉर्म भरने में मदद की, एसआईआर से जुड़े सवालों के जवाब दिए और भरे हुए एप्लीकेशन जमा किए।
चुनाव आयोग के बयान के मुताबिक, बीएलओ घर-घर जाकर उन वोटरों की पहचान भी करेंगे जो ड्राफ़्ट लिस्ट में छूट गए हैं, ताकि योग्य पाए जाने पर फॉर्म 6 के ज़रिए उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जा सके।
चुनाव आयोग के 1 अक्टूबर को जारी निर्देशों के अनुसार, वोटर लिस्ट में सभी "छूटे हुए योग्य वोटरों" को शामिल करने के लिए एक खास अभियान चलाया जा रहा है। चुनाव आयोग ने उन वोटरों से भी अपील की है जिनके नाम बीएलओ के घर-घर जाकर किए गए सर्वे के दौरान अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और डुप्लिकेट यानी एएसडीडी लिस्ट में शामिल हो सकते हैं, कि अगर वे चाहें तो वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म-6 भरें।
--आईएएनएस
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