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बिहार: छात्र प्रदर्शनों के दौरान 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, 91 पुलिसकर्मी घायल

पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को 25 जुलाई को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों, रैलियों और मार्चों के दौरान कई जिलों में उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की।
 

पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को 25 जुलाई को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों, रैलियों और मार्चों के दौरान कई जिलों में उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की।

पुलिस के अनुसार, राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग शामिल थे।

पुलिस मुख्यालय ने बताया कि सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया, जबकि हिंसक घटनाओं में कथित रूप से शामिल 355 व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अदालत में पेश किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि अदालत में पेश किए गए लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, पत्थरबाजी, पुलिस पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान और हिंसा की अन्य घटनाओं में 91 पुलिस अधिकारी और कर्मी घायल हुए।

घायलों में सिवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी), दो उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और कई थाना अधिकारी (एसएचओ) शामिल हैं।

गांधी मैदान पुलिस स्टेशन के एसएचओ गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

पुलिस मुख्यालय ने आगे बताया कि हिंसा के दौरान 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक सरकारी वाहन में आग लगा दी गई।

इसके अलावा, राज्य भर में विभिन्न घटनाओं में 13 नागरिक घायल हुए हैं।

रिपोर्ट में सारण जिले में हुई हिंसा को विशेष रूप से गंभीर बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, सदर ब्लॉक के ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) गंभीर रूप से घायल हो गए और हमले के बाद उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। उनका इलाज वर्तमान में पटना स्थित आईजीआईएमएस में चल रहा है।

सारण के रेवलगंज ब्लॉक के बीडीओ पर भी कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। मेदांता अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ और वे अभी भी चिकित्सा निगरानी में हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों अधिकारियों की हालत गंभीर है और उनकी सेहत पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपने बयान में कहा कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलों की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।

इसमें यह भी कहा गया है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस ने यह भी दोहराया कि राज्य भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/