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छत्तीसगढ़ के 47 माओवादियों ने तेलंगाना डीजीपी के सामने किया सरेंडर, भारी मात्रा में हथियार जमा

हैदराबाद, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के सीपीआई (माओवादी) संगठन से जुड़े 47 भूमिगत कैडरों ने शनिवार को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के सदस्य और साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी के प्रभारी हेमला इय्थु उर्फ विज्जा भी शामिल हैं।
 
छत्तीसगढ़ के 47 माओवादियों ने तेलंगाना डीजीपी के सामने किया सरेंडर, भारी मात्रा में हथियार जमा

हैदराबाद, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के सीपीआई (माओवादी) संगठन से जुड़े 47 भूमिगत कैडरों ने शनिवार को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के सदस्य और साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी के प्रभारी हेमला इय्थु उर्फ विज्जा भी शामिल हैं।

सरेंडर करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के 4 सदस्य, डीकेएसजेडसी के 28 सदस्य और साउथ बस्तर डीवीसी की 9वीं व 30वीं प्लाटून के 15 सदस्य शामिल हैं।

इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण के साथ 32 हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं। इनमें एक लाइट मशीन गन (एलएमजी), चार एके-47 राइफल, तीन एसएलआर राइफल, दो इंसास राइफल, दो 410 मस्कट राइफल, एक 8 एमएम राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, एक 9 एमएम पिस्टल, एक रिवॉल्वर, दो बीजीएल गन, दो एयर गन और एक एसबीबीएल गन शामिल हैं। इसके अलावा 515 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति तथा पुलिस के सकारात्मक रवैये से प्रभावित होकर इन कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। इसके अधिकतर प्रमुख नेता और हथियारबंद कैडर अब निष्क्रिय हो चुके हैं।

हेमला इय्थु ने वर्ष 2004 में माओवादी संगठन जॉइन किया था और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई थीं। वहीं, पोडियम लाछू उर्फ मनोज, जो 9वीं प्लाटून का कमांडर था, उसने 2009 में संगठन जॉइन किया था। आत्मसमर्पण करने वालों में 12 एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) भी शामिल हैं।

डीजीपी ने बताया कि इन 47 कैडरों के आत्मसमर्पण पर कुल 1.50 करोड़ रुपये की इनामी राशि पात्रता अनुसार दी जाएगी। चूंकि सभी सरेंडर करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, इसलिए फिलहाल उन्हें 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता दी गई है। शेष राशि दस्तावेजी प्रक्रिया और बैंक खाते खुलने के बाद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देशानुसार वर्ष 2024 से 2026 के बीच सरेंडर करने वाले सभी कैडरों के लिए हेल्थ कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं।

डीजीपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक तेलंगाना में कुल 260 भूमिगत माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही 2026 में अब तक 238 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जिससे संगठन की हथियारबंद ताकत को बड़ा झटका लगा है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के केवल चार सक्रिय भूमिगत माओवादी अब भी बाकी हैं, जो छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में सक्रिय हैं। इनमें दो केंद्रीय समिति सदस्य भी शामिल हैं।

--आईएएनएस

डीएससी