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दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए 2.65 लाख महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, 52,175 ने फॉर्म जमा किए

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर मंगलवार को और भी मजबूत प्रतिक्रिया देखने को मिली है। योजना का लाभ उठाने के लिए दोपहर 2 बजे तक 2.65 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया और 52.175 महिलाओं ने अपने अंतिम आवेदन जमा किए। इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी।
 

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर मंगलवार को और भी मजबूत प्रतिक्रिया देखने को मिली है। योजना का लाभ उठाने के लिए दोपहर 2 बजे तक 2.65 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया और 52.175 महिलाओं ने अपने अंतिम आवेदन जमा किए। इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी।

मंगलवार सुबह 7 बजे तक पंजीकरणों की संख्या 2.38 लाख थी। अधिकारी ने एक बयान में कहा कि इस समय तक 38,076 महिलाओं ने अपने अंतिम आवेदन जमा कर दिए थे। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता से परे जाकर इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को बचत, डिजिटल वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता से जोड़ना है, जिससे यह देश में एक अभिनव मॉडल बन गया है।"

यह योजना शुरू में तीन साल की अवधि के लिए लागू की जाएगी और इससे लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। सीएम रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया और साथ ही योजना के ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल का भी उ‌द्घाटन किया। पोर्टल के शुरू होने के 12 घंटों के भीतर ही शहर की महिलाओं द्वारा 33,730 से अधिक पंजीकरण किए गए।

एक अधिकारी ने बताया कि इस अवधि के दौरान 1,940 अंतिम आवेदन जमा किए गए।

सीएम ने कहा कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने मूलरूप से इस योजना को महिला समृद्धि योजना के रूप में मंजूरी दी थी, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया, ताकि महिलाओं की गरिमा, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण की व्यापक दृष्टि को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित किया जा सके। यह योजना पारंपरिक नकद सहायता कार्यक्रमों से अलग तरीके से तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर दो वित्तीय विकल्पों में से एक चुनने की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा, "पहले विकल्प के तहत रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए हर महीने 1,000 रुपए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में जमा किए जाएंगे, जबकि शेष 1,500 रुपए आरडी/एफडी खाते में जमा किए जाएंगे।"

उन्होंने कहा, "दूसरे विकल्प के तहत पूरे 2,500 रुपए हर महीने एक आरडी/एफडी में जमा किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को ब्याज के साथ-साथ समय के साथ पर्याप्त बचत करने का अवसर मिलेगा। इस तरह, योजना का उद्देश्य तत्काल वित्तीय सहायता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सीबीडीसी वॉलेट के लिए एक डिजिटल नेगेटिव लिस्ट लागू की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी सहायता का उपयोग केवल आवश्यक घरेलू जरूरतों के लिए ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, "भत्ते में जमा की गई राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, मादक पदार्थों, लॉटरी टिकट, जुआ, सट्टेबाजी या सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित किसी भी अन्य सामान और सेवाओं पर नहीं किया जा सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय सहायता का उपयोग परिवारों के कल्याण के लिए किया जाए।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी