मध्य प्रदेश: चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी; 1,438 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
सतना, 3 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में बाढ़ का पानी 50 से ज्यादा गांवों को प्रभावित कर रहा है, जिसके चलते कम से कम 1,438 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। सतना में भारी बारिश और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण 29 अगस्त से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई निचले इलाके जलमग्न हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने बताया कि बाढ़ से अब तक करीब 650 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 70 घर पूरी तरह ढह गए हैं।
प्रशासन प्रभावित इलाकों का सर्वे कर रहा है और जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहा है। निकाले गए परिवारों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं और प्रभावित लोगों को जरूरी सामान बांटा जा रहा है।
एनडीआरएफ ने 1,438 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि एसडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 100 लोगों को बचाया है। जोखिम वाले इलाकों में बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है और वे नावों व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करके बाढ़ के पानी से घिरे या फंसे लोगों तक पहुंच रहे हैं।
डीएम पुलकित गर्ग ने गुरुवार को बताया कि बाढ़ के कारण कोतवाली कर्वी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बराछी ग्राम पंचायत में एक दुखद घटना हुई, जहां भारी बारिश के बाद एक कच्चा घर ढह गया, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन प्रभावित परिवार को मदद पहुंचा रहा है और इलाके में राहत कार्य चला रहा है।
मंदाकिनी नदी चिंता का मुख्य कारण बनी हुई है, जिसका जलस्तर खतरे के निशान के करीब लगभग 138.52 मीटर दर्ज किया गया है। प्रशासन ने कहा कि और बारिश की संभावना को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ का असर आस-पास के इलाकों में भी देखा गया है। मैहर में मुकुंदपुर मार्ग को बंद कर दिया गया क्योंकि पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा था, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ।
गुरुवार को मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति सक्रिय बनी रही। मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह में बहुत ज्यादा बारिश के लिए रेड अलर्ट और ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम 4 सितंबर को आगे बढ़ सकता है और राज्य के कई डिवीजन पर इसका काफी असर पड़ सकता है। राज्य में अब तक 714.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 799.9 मिमी है; यानी कुल मिलाकर लगभग 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
--आईएएनएस
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