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12 शांति समझौतों और 10 हजार उग्रवादियों के आत्मसमर्पण से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर: सीएम सरमा

गुवाहाटी, 20 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर भारत की विकास यात्रा में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब उग्रवाद और अस्थिरता की पहचान से निकलकर शांति, आधारभूत ढांचे के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
 
12 शांति समझौतों और 10 हजार उग्रवादियों के आत्मसमर्पण से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर: सीएम सरमा

गुवाहाटी, 20 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर भारत की विकास यात्रा में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब उग्रवाद और अस्थिरता की पहचान से निकलकर शांति, आधारभूत ढांचे के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में स्थापित हुए शांतिपूर्ण माहौल का सबसे बड़ा लाभ असम को मिला है, जिससे राज्य में विकास कार्यों और निवेश को नई गति मिली है।

उन्होंने लिखा, "पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर की विकास गाथा उग्रवाद और अस्थिरता से निकलकर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की ओर बढ़ी है। इस शांतिपूर्ण माहौल का सबसे बड़ा लाभ असम को मिला है।"

यह पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में 12 वर्षों के विकास को रेखांकित करने वाले केंद्र सरकार के अभियान 'नॉर्थ ईस्ट के आगे बढ़ने के 12 साल' के तहत साझा किया गया।

अभियान के तहत साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 से अब तक पूर्वोत्तर में 12 प्रमुख शांति समझौते किए गए हैं, जिन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अभियान में यह भी दावा किया गया है कि इस अवधि में 10,000 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो केंद्र और राज्य सरकारों की शांति पहल तथा पुनर्वास नीतियों की सफलता को दर्शाता है।

जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2015 के बाद से उग्रवाद से जुड़े नागरिकों की मौतों में 97 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि 2014 के बाद उग्रवादी घटनाओं में 82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

अभियान सामग्री में पूर्वोत्तर के इस बदलाव को "शांति, प्रगति और स्थिरता की यात्रा" बताया गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आर्थिक परिवर्तन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं।

पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर को भारत की विकास यात्रा का प्रमुख इंजन बनाने पर जोर दिया है। इसके तहत सड़क, रेलवे, हवाई अड्डों, जलमार्ग, डिजिटल कनेक्टिविटी और सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।

असम सरकार का भी कहना है कि बेहतर सुरक्षा माहौल के कारण राज्य में निवेश बढ़ा है, पर्यटन को बढ़ावा मिला है और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में तेजी आई है, जिससे पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिली है।

--आईएएनएस

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