हैदराबाद में छात्रों के लिए 110 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा अंबेडकर नॉलेज सेंटर
हैदराबाद, 8 जून (आईएएनएस)। हैदराबाद के बीचों-बीच 110 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 'डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर नॉलेज सेंटर' एक नॉलेज हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां हजारों छात्र और बेरोजगार युवा पढ़ाई-लिखाई के संसाधन, टेक्नोलॉजी से जुड़ी लर्निंग और करियर में मदद पा सकेंगे।
तेलंगाना के डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का ने सोमवार को उस जगह का दौरा किया, जहां यह सेंटर बनेगा (लोअर टैंक बंड के पास) और उस जगह का भी जहां 25 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से एससी हॉस्टल (काचीगुडा में निंबोली अड्डा पर) बनेगा।
डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर नॉलेज सेंटर में एक बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और 10 और मंजिलें होंगी। स्टडी सर्कल, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस हॉल वाला यह सेंटर ज्ञान फैलाने के लिए एक बेहतरीन मंच का काम करेगा।
इन गतिविधियों को दूर-दराज के इलाकों तक डिजिटल रूप से पहुंचाने के लिए एक मजबूत टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाया जाएगा। यहां दुनिया भर के बुद्धिजीवियों के साथ सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।
यह सेंटर उस जगह पर बनेगा जहां अभी अंबेडकर भवन है। डिप्टी सीएम ने कहा कि पुरानी इमारत को पूरी तरह से गिराने के लिए 5 करोड़ रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने नॉलेज सेंटर को सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि लाखों लोगों के ज्ञान को बढ़ाने वाला एक लगातार चलने वाला शैक्षिक मंच बताया। दिहाड़ी मजदूरों, किसान परिवारों और मध्यम वर्गीय छोटे व्यापारियों के बच्चे जब कॉम्पिटिटिव एग्जाम की कोचिंग के लिए हैदराबाद आते हैं तो उन्हें अक्सर रहने-सहने के लिए भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है। उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दूरदर्शिता के साथ यह फैसला लिया।
नौकरी के नोटिफिकेशन जारी करने के अलावा, सरकार इस नॉलेज सेंटर का इस्तेमाल पूरे राज्य में मुफ्त कोचिंग सुविधाएं देने के लिए करेगी ताकि यह पक्का हो सके कि बेरोजगार युवा सफलतापूर्वक नौकरी पा सकें। उन्होंने बताया कि हैदराबाद के इस मुख्य सेंटर से टॉप लेक्चरर जो पढ़ाएंगे, वे ऑनलाइन डिजिटल सिस्टम के जरिए सीधे उपलब्ध होंगे और सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनने वाले अंबेडकर नॉलेज सेंटरों को आपस में जोड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि निंबोली अड्डा पर तीन मंजिला हॉस्टल बनाना दलित और वंचित समुदायों का लंबे समय से देखा गया सपना रहा है।
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि दोनों इमारतों के लिए आर्थिक और प्रशासनिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि ये इमारतें सिर्फ भौतिक ढांचे नहीं हैं, बल्कि आधुनिक मंदिर हैं जो हजारों छात्रों को अपना ज्ञान बढ़ाने में मदद करेंगे। उन्होंने साफ किया कि जनता की सरकार का पक्का इरादा राज्य के बेरोजगार युवाओं को कोचिंग से जुड़ी दिक्कतों से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार तेलंगाना में एक कल्याणकारी राज्य बनाने के पक्के इरादे के साथ काम कर रही है।
कल्याण मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार और दूसरे जन-प्रतिनिधियों के साथ, उपमुख्यमंत्री ने दोनों इमारतों के लिए तय जगहों का दौरा किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन इमारतों के बनने से राज्य में ज्ञान पाने की चाह रखने वाले सभी लोगों को बहुत फायदा होगा। प्रस्ताव सौंपे जाने के तुरंत बाद राज्य सरकार ने फंड मंजूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्होंने घोषणा की थी कि हर विधानसभा क्षेत्र में डॉ. बीआर अंबेडकर नॉलेज सेंटर बनाया जाएगा। ये सेंटर गरीब, पिछड़े, हाशिए पर रहने वाले और मध्यम-वर्गीय परिवारों के छात्रों को कोचिंग के लिए हैदराबाद जाए बिना अपने ही इलाके में तैयारी करने में मदद करेंगे।
भविष्य में उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में एक सिस्टम बनाया जाएगा। जहां बेहतरीन लेक्चरर मुख्य सेंटर से पढ़ाएंगे, वहीं छात्र एक जुड़े हुए नेटवर्क के ज़रिए अपनी-अपनी जगहों से ऑनलाइन कोचिंग ले सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि काचिगुडा में निंबोली अड्डा हॉस्टल, जिसने अविभाजित राज्य के समय से ही अनगिनत गरीब छात्रों को आश्रय दिया है और उन्हें ऊंचे ओहदों पर पहुंचाया है, उसे पूरी तरह से आधुनिक बनाया जाएगा। इस हॉस्टल का नाम बदलकर बाबू जगजीवन राम नॉलेज सेंटर कर दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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