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दक्षिण चीन सागर में ‘बालिकातन’ अभ्यास, सात देशों के 11 जहाजों का संयुक्त समुद्री शक्ति प्रदर्शन

मनीला, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण चीन सागर में सोमवार को फिलीपींस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका के कुल 11 जहाज एक साथ रवाना हुए। सैन्य अभ्यास 'बालिकातन' के तहत 11 जहाजों ने संयुक्त समुद्री शक्ति प्रदर्शन किया।
 
दक्षिण चीन सागर में ‘बालिकातन’ अभ्यास, सात देशों के 11 जहाजों का संयुक्त समुद्री शक्ति प्रदर्शन

मनीला, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण चीन सागर में सोमवार को फिलीपींस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका के कुल 11 जहाज एक साथ रवाना हुए। सैन्‍य अभ्‍यास 'बालिकातन' के तह‍त 11 जहाजों ने संयुक्त समुद्री शक्ति प्रदर्शन क‍िया।

इस मल्टीनेशनल समुद्री अभ्यास में फिलीपींस की सशस्त्र सेनाएं, जापान की मरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएसडीएफ), रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी, रॉयल कैनेडियन नेवी, यूएस कोस्ट गार्ड और यूएस नेवी के जहाज शामिल हैं।

फिलीपींस नेवी ने बताया कि 'बालिकातन' एक पुराना और हर साल होने वाला अभ्यास है, जो फिलीपींस और अमेरिका की सेनाओं के बीच साझेदारी को दिखाता है। इसका मकसद मिलकर काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है।

अमेरिकी नौसेना ने कहा कि यह अभ्यास दिखाता है कि सभी देश मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यह 'बालिकातन' अभ्यास आठ मई तक चलेगा और इसमें कुल सात देशों के लगभग 17,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं।

इस अभ्यास का मकसद सभी देशों की सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर बनाना है। इसमें जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स भी शामिल है, जिसने फिलीपींस और अमेरिका के साथ बड़े स्तर पर इस ड्रिल में हिस्सा लिया है।

जापान की प्रमुख समाचार एजेंसी क्योदो के मुताबिक, 2012 से जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स सिर्फ आपदा राहत वाले हिस्से में हिस्सा लेती थी और पर्यवेक्षक की भूमिका में रहती थी, लेकिन पिछले साल फिलीपींस और जापान के बीच एक रक्षा समझौता हुआ, जिससे अब जापान को और ज्यादा अभ्यासों में हिस्सा लेने की अनुमति मिल गई है।

17 अप्रैल को जापान का युद्धपोत 'जेएस इकाजुची' ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरा था, और वह भी इस बालिकातन अभ्यास में हिस्सा ले रहा है जो 8 मई तक चलेगा।

क्योदो ने बताया कि जापान पहले ताइवान स्ट्रेट से अपने जहाज नहीं भेजता था, ताकि चीन को भड़काया न जाए, लेकिन सितंबर 2024 में पहली बार जापानी जहाज 'साजनामी' वहां से गुजरा। इसके बाद फरवरी और जून 2025 में भी जापानी जहाज उस रास्ते से गए।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी