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हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की बड़ी कार्रवाई, समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती के एक बड़े कुप्रयास को विफल कर दिया। हिंद महासागर में समुद्री डाकुओं की सूचना मिलते ही नौसेना के जांबाज तुरंत हरकत में आए और समुद्री डाकुओं को घेर लिया। ये समुद्री डाकू एक मालवाहक जहाज को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे।
 
हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की बड़ी कार्रवाई, समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती के एक बड़े कुप्रयास को विफल कर दिया। हिंद महासागर में समुद्री डाकुओं की सूचना मिलते ही नौसेना के जांबाज तुरंत हरकत में आए और समुद्री डाकुओं को घेर लिया। ये समुद्री डाकू एक मालवाहक जहाज को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे।

हालांकि भारतीय नौसेना द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से समुद्री डाकुओं के मंसूबे नाकाम हो गए। नौसेना के मुताबिक ये कार्रवाई पश्चिमी हिंद महासागर में की गई है।

दरअसल, पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 के आसपास समुद्री डाकू घेराबंदी की तैयारी में थे। इस बीच भारतीय नौसेना को समुद्री डाकुओं की गतिविधियों की सूचना मिली। यह जानकारी मिलने पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित खतरे को विफल कर दिया। भारतीय नौसेना की इस तेज और सतर्क प्रतिक्रिया से व्यापारी जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई तथा संभावित समुद्री डकैती की बड़ी घटना टल गई।

भारतीय नौसेना के अनुसार, जैसे ही क्षेत्र में संदिग्ध समुद्री गतिविधियों की जानकारी मिली, आईएनएस कोलकाता को तत्काल स्थिति का आकलन करने और व्यापारी पोत की सुरक्षा के लिए सक्रिय किया गया। भारतीय युद्धपोत ने तेजी से मौके की ओर बढ़ते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जांच की और अपनी मौजूदगी से समुद्री डाकुओं के इरादों को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया गया।

नौसेना ने बताया कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी गई। नौसैनिकों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण किसी भी प्रकार की क्षति या अपहरण जैसी घटना नहीं हुई। भारतीय नौसेना ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में वह प्रमुख सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल की भूमिका निभाते हुए लगातार समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। नौसेना का उद्देश्य व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना है।

हाल के वर्षों में पश्चिमी हिंद महासागर और अदन की खाड़ी के आसपास समुद्री डकैती की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में भारतीय नौसेना लगातार अपने युद्धपोतों और समुद्री निगरानी संसाधनों की तैनाती कर क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। आईएनएस कोलकाता की यह कार्रवाई भारतीय नौसेना की त्वरित संचालन क्षमता और समुद्री सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है नौसैनिक बल समुद्री सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। वहीं विभिन्न अवसरों पर स्वयं नौसेना प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि आज समुद्री चुनौतियां एक देश तक सीमित नहीं हैं। चाहे फिर वह समुद्री डकैती हो, तस्करी, आतंकवाद या प्राकृतिक आपदा। उनका कहना है कि इनसे निपटने के लिए साझा रणनीति और संयुक्त कार्रवाई जरूरी है।

गौरतलब है कि हाल ही के दिनों में भारतीय नौसेना ने विभिन्न मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर समुद्री डकैती के खिलाफ कई सैन्य अभ्यास भी किए हैं। इन सैन्य अभ्यासों का उद्देश्य आपसी समन्वय को मजबूत करना और ऐसी किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके