हिमाचल: यूजीसी फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित, छात्र की मौत के मामले में जांच शुरू
नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज में एक छात्र की दुखद मृत्यु को अत्यंत गंभीरता से लिया है। प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए यूजीसी ने एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह समिति घटना के दौरान हुए संभावित कर्तव्य-लोप, छात्र सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और कॉलेज प्रशासन की भूमिका की विस्तृत समीक्षा करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव भी देगी।
यूजीसी के मुताबिक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की संरचना में पांच सदस्यों को शामिल किया गया है। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. राजकुमार मित्तल कमेटी के अध्यक्ष अध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रो. सुषमा यादव की कमेटी की सदस्य हैं। गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद की कुलपति, डॉ. नीरजा गुप्ता भी इस कमेटी की सदस्य हैं। प्रो. पी. प्रकाश बाबू, कुलपति, पांडिचेरी विश्वविद्यालय भी कमेटी के सदस्य हैं।
यूजीसी की संयुक्त सचिव, डॉ. सुनीता सिवाच इस कमेटी की समन्वय अधिकारी बनाई गई हैं। इस पूरी घटना पर यूजीसी की गंभीर नजर है। दरअसल यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने मीडिया में आए रिपोर्टों का संज्ञान लिया है। इन रिपोर्टों को आधार बनाकर सुओ-मोटो शिकायत दर्ज की गई है।
रिपोर्टों में रैगिंग के चलते छात्र द्वारा आत्महत्या की आशंका जताई गई थी, जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि मृत्यु का मामला है। इस बीच पुलिस जांच भी जारी है। वहीं, यूजीसी ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यूजीसी का कहना है कि छात्र सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही यूजीसी ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र कल्याण और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह धर्मशाला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में 26 दिसंबर 2025 को एक छात्र की मौत से जुड़ा मामला है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसकी जांच के लिए यह फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की है।
गौरतलब है कि यूजीसी, उच्च शिक्षा संस्थानों का नियामक निकाय है। इस घटना पर यूजीसी का कहना है कि यह समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। घटना के हालात, कॉलेज के अधिकारियों द्वारा हुई संभावित लापरवाही या कर्तव्य-लोप की जांच की जाएगी। साथ ही उन लोगों की जवाबदेही जो किसी भी तरह इस मामले में जिम्मेदार हो सकते हैं।
यूजीसी की यह समिति छात्र कल्याण और सुरक्षा से संबंधित नियमों के अनुपालन की भी जांच करेगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी। यूजीसी के मुताबिक उनके लिए छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च है और जांच के बाद उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
--आईएएनएस
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