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हिमाचल: शिमला का अचानक बदलता मौसम, गर्मी से परेशान हुए टूरिस्ट और निवासी

शिमला, 21 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में मौसम अचानक से बदल गया, जिसने लोगों और पर्यटकों को पसीने छुड़ा दिए। जहां आमतौर पर शिमला को ठंड और सर्द हवाओं के लिए जाना जाता है, वहीं इस बार तापमान अपेक्षा से ज्यादा है।
 
हिमाचल: शिमला का अचानक बदलता मौसम, गर्मी से परेशान हुए टूरिस्ट और निवासी

शिमला, 21 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में मौसम अचानक से बदल गया, जिसने लोगों और पर्यटकों को पसीने छुड़ा दिए। जहां आमतौर पर शिमला को ठंड और सर्द हवाओं के लिए जाना जाता है, वहीं इस बार तापमान अपेक्षा से ज्यादा है।

स्थानीय निवासी अरुणा शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया कि वे शिमला की ही रहने वाली हैं और रोजाना अपने बेटे के साथ लक्कड़ बाजार जाती हैं। उन्होंने कहा, "पहले इतनी गर्मी नहीं होती थी, लेकिन अब गर्मी बढ़ती जा रही है, इसलिए हम अपने साथ ग्लूकोज पानी और नींबू पानी रखते हैं ताकि गर्मी से बच सकें। अब तो छाता भी साथ रखना पड़ता है। पहले ऐसा कभी नहीं देखा था कि शिमला में इतनी गर्मी हो। पिछले करीब 12 सालों में मैंने इतनी गर्मी नहीं महसूस की। बच्चे भी गर्मी की वजह से थोड़ा परेशान और चिड़चिड़े हो जाते हैं।"

वहीं, गुजरात से आए पर्यटक जिग्नेश कुमार ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ तीन दिन के टूर पर हैं। उन्होंने कहा, "हमने अमृतसर, खज्जियार और डलहौजी घूमने के बाद शिमला आए हैं। मनाली में तो मौसम बहुत ठंडा और अच्छा था, लेकिन शिमला में आकर थोड़ी गर्मी का अहसास हुआ। फिर भी हमें ज्यादा परेशानी नहीं हो रही क्योंकि हम गुजरात के रहने वाले हैं, वहां तो पहले से ही 40 से 45 डिग्री तापमान झेलते हैं। यहां का मौसम फिर भी ठीक है। अगर बारिश हो जाए तो पर्यटकों को और मजा आएगा।"

एक अन्य पर्यटक पंडित बंसोड़े, जो महाराष्ट्र से हैं और लगभग 70 लोगों के ग्रुप के साथ हिमाचल टूर पर आए हैं, ने भी मौसम में आए बदलाव को लेकर कहा, "हमने सोचा था कि यहां ठंड होगी, लेकिन अभी तो काफी गर्मी महसूस हो रही है और धूप भी तेज है। मैं पिछले 22 सालों से टूरिज्म के काम से जुड़ा हूं और पहले जब हम हिमाचल आते थे तो सोलन में ही स्वेटर-जैकेट पहननी पड़ती थी, लेकिन अब वैसा मौसम नहीं रहा।"

उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल के मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, जिसका एक कारण ग्लोबल वार्मिंग भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई और विकास के नाम पर बदलाव तो हो रहे हैं, लेकिन प्रकृति को बचाकर ही तरक्की होनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी