हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई में होगी और देरी, अक्टूबर तक रह सकता है असर
शिमला, 24 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ेगा। प्रदेश में मानसून की सामान्य विदाई 25 सितंबर के आसपास हो जाती है, लेकिन इस बार मौसम में सक्रिय सिस्टम के चलते मानसून की वापसी में देरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश से मानसून की विदाई के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में मानसून सितंबर के अंत तक या अक्टूबर के पहले सप्ताह तक प्रदेश में रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि सामान्य तौर पर हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई 25 सितंबर के आसपास होती है। इस बार एक सक्रिय मौसम प्रणाली हिमाचल की ओर बढ़ रही है, जिसके प्रभाव से 26 से 28 सितंबर तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यह सिस्टम 29 सितंबर के बाद कमजोर होगा और इसके बाद ही मानसून की वापसी की संभावना बन सकती है।
उन्होंने कहा कि अभी अगले चार से पांच दिनों तक मानसून की वापसी के कोई संकेत नहीं हैं। सामान्य तारीख के मुकाबले इस बार मानसून की विदाई पहले ही कुछ दिन लेट हो चुकी है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है। हालांकि इसकी सटीक तारीख मौसम की आगामी परिस्थितियों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
शोभित कटियार ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य तौर पर करीब 723 मिलीमीटर बारिश होती है। इस बार अभी तक प्रदेश में 628 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 13 फीसदी कम है। हालांकि कुछ जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही है। इनमें शिमला, मंडी और कुल्लू जैसे जिले शामिल हैं। इसके बावजूद प्रदेश का कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 13 फीसदी कम चल रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों में होने वाली बारिश के बाद प्रदेश में मानसून की कुल बारिश के आंकड़ों में सुधार देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम की परिस्थितियों के आधार पर मानसून की विदाई को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
हिमाचल में पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ बना हुआ है और अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिल रही है। हालांकि अब एक बार फिर प्रदेश में मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 सितंबर से हिमाचल में बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 29 सितंबर तक रुक-रुककर जारी रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 26 से 29 सितंबर के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान 27 सितंबर को सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। 27 सितंबर को प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तापमान में भी अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं किन्नौर में 27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने सिरमौर जिले के लिए 26, 27 और 28 सितंबर को अलर्ट जारी किया है। वहीं सोलन, शिमला, मंडी, किला और किन्नौर के लिए 27 सितंबर को अलर्ट जारी किया गया है। कुल्लू में भी 27 सितंबर के लिए अलर्ट है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण सिरमौर, शिमला, सोलन और मंडी जैसे जिलों में जलस्रोतों और अन्य जल निकायों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा सड़कें फिसलन भरी होने के साथ भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में भी लगातार बारिश से नुकसान की आशंका मौसम विभाग ने जताई है।
मौसम विभाग ने लोगों से 26 से 29 सितंबर के बीच विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को भूस्खलन और मलबा गिरने वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जलस्रोतों और अन्य जल निकायों से दूरी बनाए रखने के साथ बारिश के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। इसके अलावा राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक 29 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। 30 सितंबर के बाद एक बार फिर अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ होने और धूप खिलने की संभावना है। फिलहाल अगले दो दिन प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद बारिश का नया दौर शुरू होगा।
--आईएएनएस
डीसीएच/
