Aapka Rajasthan

हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धरमानी का आरोप, भाजपा ने राष्ट्रगान गाने से रोका

शिमला, 26 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान के बजाय राष्ट्रगीत से करने के भाजपा की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, जब हम विधानसभा सत्र की शुरुआत करने के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े हुए और राष्ट्रगान बजने ही वाला था, तभी भाजपा के सदस्यों ने आपत्ति जताई। भाजपा सदस्यों केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान की जगह राष्ट्रगीत से होनी चाहिए। आखिर ऐसा करके भाजपा के लोग आम लोगों के बीच में क्या संदेश देना चाहती है।
 

शिमला, 26 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान के बजाय राष्ट्रगीत से करने के भाजपा की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, जब हम विधानसभा सत्र की शुरुआत करने के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े हुए और राष्ट्रगान बजने ही वाला था, तभी भाजपा के सदस्यों ने आपत्ति जताई। भाजपा सदस्यों केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान की जगह राष्ट्रगीत से होनी चाहिए। आखिर ऐसा करके भाजपा के लोग आम लोगों के बीच में क्या संदेश देना चाहती है।

उन्होंने कहा कि हमारे मन में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों को लेकर सम्मान है। हमारे देश के लोगों इन्हें गाकर ही अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला था और देश को आजादी दिलाई थी। कांग्रेस के अधिवेशन में भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाए गए थे। ऐसी स्थिति में जब आप यह कहते हैं कि राष्ट्रगान की जगह राष्ट्रगीत गाना चाहिए, तो इससे आम लोगों के बीच में गलत संदेश जाता है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हमारे अध्यक्ष महोदय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि हमने अपनी परंपरा के अनुसार ही कदम बढ़ाया है। हम अपनी परंपराओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में इस संबंध में जो बिल लाया गया था, उसमें भी इस बात का जिक्र नहीं किया गया था कि आखिर विधानसभा के सत्र की शुरुआत करने से पहले राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए या राष्ट्रगीत। यह फैसला पूरी तरह से विधानसभा के ऊपर छोड़ा गया है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से अब तक विधानसभा को इस संबंध में किसी भी प्रकार का निर्देश नहीं दिया गया है। भाजपा को माफी मांगनी चाहिए, जो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की तुलना करके आम लोगों के बीच में विवाद पैदा करने की कोशिश करता है। अफसोस की बात है कि भाजपा के लोग बांटों और राज करो की नीति पर ही राजनीति करती हुई आई है। भाजपा को लगता है कि अगर वो इस सिद्धांत पर राजनीति करेगी, तो उसे फायदा पहुंचेगा। मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि इससे उन्हें किसी भी प्रकार का फायदा मिलने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा, राम मंदिर और नीट पेपर लीक को लेकर युवाओं के आक्रोश से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम जैसा विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई है। राम मंदिर के चंदे में घपला हुआ है और नीट पेपर लीक को लेकर युवा आक्रोशित थे। देशभर के युवा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचे थे। भाजपा के शासनकाल में चार बार नीट पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में भी इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। हिमाचल प्रदेश में भी कई पेपर लीक हुए थे। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से राज्य चयन आयोग का गठन किया और सर्विस इलेक्शन बोर्ड को भंग किया। इस पूरी स्थिति से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा की ओर से वंदे मातरम के बहस को जन्म दिया गया है।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम