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चंद्रताल : हिमाचल की जन्नत, जहां माना जाता है देवताओं और परियों का सुंदर ठिकाना

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में मंदिरों से लेकर ऐतिहासिक महलों तक को लेकर किंवदंती प्रचलित है। मंदिर चमत्कार और आस्था का प्रतीक है, जबकि महल वीरों के युद्ध और समृद्ध भारत के, लेकिन क्या आप किसी ऐसी झील के बारे में जानते हैं, जहां देवताओं और परियों का वास माना जाता है?
 
चंद्रताल : हिमाचल की जन्नत, जहां माना जाता है देवताओं और परियों का सुंदर ठिकाना

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में मंदिरों से लेकर ऐतिहासिक महलों तक को लेकर किंवदंती प्रचलित है। मंदिर चमत्कार और आस्था का प्रतीक है, जबकि महल वीरों के युद्ध और समृद्ध भारत के, लेकिन क्या आप किसी ऐसी झील के बारे में जानते हैं, जहां देवताओं और परियों का वास माना जाता है?

हिमाचल प्रदेश में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपने मनमोहक दृश्यों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन पहाड़ों की सुंदर वादियों की ओट में ऐसी झील भी मौजूद है, जो रहस्यों से भरी है। हम बात कर रहे हैं चंद्रताल की, जिसे हिमाचल की जन्नत कहा जाता है।

चंद्रताल झील लाहौल स्पीति की सुंदर घाटियों में बसी है, जो हर मौसम में अपना नया रंग दिखाती है। माना जाता है कि झील भी दिन में कई बार अपना रंग बदलती है और झील में देवताओं और परियों का वास है। स्थानीय मान्यताओं की मानें तो झील इतनी साफ और पवित्र है कि नदी पर देवताओं का वास है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि रात के समय रातों की चमचमाती छांव में परियां झील किनारे आती हैं। हालांकि ये सिर्फ मान्यताएं हैं, लेकिन झील का नजारा किसी को भी मंत्रमुग्ध करने के काफी है।

रोहतांग दर्रे और कुंजुम दर्रे के बीच ऊंचे ग्लेशियरों से होकर निकलने वाली चंद्रताल झील का नीला पानी और सुंदर प्राकृतिक नजारे इसे बाकी नदियों से अलग बनाते हैं। वसंत के मौसम में नदी के किनारे जंगली जामुनी और पीले फूल खिलते हैं, जिन्हें स्थानीय लोग भगवान को अर्पित करते हैं। अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो चंद्रताल आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह होगी, क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए किन्नौर स्पीति घाटी की ट्रैकिंग करके ही पहुंचा जा सकता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़ और प्रकृति के नजारे पर्यटकों को शांति और सुकून का अनुभव देंगे।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि चंद्रताल के 2 किलोमीटर के दायरे में पर्यटक अपना बेस कैंप नहीं लगा सकते हैं। अगर आप चंद्रताल घूमने जाना चाहते हैं तो झील से 2 किलोमीटर की दूरी से पहले ही अपने रहने और खाने की व्यवस्था कर लें। चंद्रताल के आस-पास किराए पर भी बेस कैंप आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा लाहौल स्पीति वेली और चंद्रताल झील के पास कई ऐसी जगह है, जहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं आता है; ऐसे में लाहौल पहुंचकर ही अपने परिजनों से बात कर सकते हैं। अपने साथ जरूरत का सारा सामान लेकर आए। खाने से लेकर जरूरी दवा भी अपने साथ जरूर रखें।

--आईएएनएस

पीएस/एएस