'हे देवी! आप वैष्णवी शक्ति हैं', प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाषित साझा कर मां चंद्रघंटा की स्तुति की
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार को मां की स्तुति करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुभाषित साझा किया गया है। उनकी ओर से लिखा गया कि जब देवी प्रसन्न होती हैं तो पृथ्वी पर सभी प्राणियों के लिए मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
पीएम की ओर से संस्कृत श्लोक, "त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः।। साझा किया गया है, जिसका हिंदी भावार्थ है कि हे देवी! आप वैष्णवी शक्ति हैं, अनन्त पराक्रम से युक्त आप ही इस सम्पूर्ण विश्व का मूल कारण हैं। यह सम्पूर्ण जगत आपके द्वारा ही नियंत्रित है और जब आप प्रसन्न होती हैं, तब पृथ्वी पर सभी प्राणियों के लिए मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
प्रधानमंत्री की ओर से साझा किया गया यह सुप्रसिद्ध श्लोक 'दुर्गा सप्तशती' (देवी माहात्म्य) से लिया गया है। यह ग्यारहवें अध्याय (नारायणी स्तुति) का चौथा श्लोक है। जब देवी असुर 'शुम्भ' और 'निशुम्भ' का वध कर देती हैं, तब इंद्र सहित सभी देवता अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वे देवी का आभार प्रकट करने और उनकी महिमा का गान करने के लिए 'नारायणी स्तुति' करते हैं। देवता हाथ जोड़कर देवी जगदंबा की आराधना करते हुए उनके वैश्विक स्वरूप और शक्तियों का वर्णन करते हैं। यह श्लोक उसी स्तुति का एक मुख्य अंश है।
इस श्लोक के माध्यम से देवी की स्तुति की गई है; "हे देवी! आप अनंत पराक्रम से युक्त भगवान विष्णु की शक्ति (वैष्णवी शक्ति) हैं। आप ही इस संसार की उत्पत्ति का मूल कारण (बीज) हैं और आप ही परम माया हैं। हे देवी! आपके द्वारा ही यह संपूर्ण जगत मोहित (माया के जाल में बंधा) है। और जब आप प्रसन्न होती हैं, तो इस पृथ्वी पर सांसारिक बंधनों से मुक्ति (मोक्ष) का कारण बनती हैं।"
मंगलवार को देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जा रही है। माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जिसके कारण इन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है। देवी चंद्रघंटा के दस हाथ हैं, जिनमें खड्ग, बाण और अन्य अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते हैं। मां का वाहन शेर है। मां का स्वरूप साहस, शौर्य, शांति और दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाला माना जाता है।
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