Aapka Rajasthan

हजारीबाग में रामनवमी उत्सव के दौरान खूनी संघर्ष में दो की मौत, 450 से अधिक घायल

हजारीबाग, 29 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग शहर में लगभग 72 घंटे तक चलने वाली रामनवमी, दशमी और एकादशी शोभायात्रा के दौरान आपसी रंजिश और अखाड़ों के बीच हुए हिंसक टकराव ने उत्सव के रंग में भंग डाल दिया है।
 
हजारीबाग में रामनवमी उत्सव के दौरान खूनी संघर्ष में दो की मौत, 450 से अधिक घायल

हजारीबाग, 29 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग शहर में लगभग 72 घंटे तक चलने वाली रामनवमी, दशमी और एकादशी शोभायात्रा के दौरान आपसी रंजिश और अखाड़ों के बीच हुए हिंसक टकराव ने उत्सव के रंग में भंग डाल दिया है।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुई झड़पों, पत्थरबाजी और भारी भीड़ के दबाव के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। शोभायात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन के दौरान 450 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

अन्य घायलों का उपचार हजारीबाग सदर अस्पताल और विभिन्न निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। मृतकों में एक की पहचान बड़ा बाजार क्षेत्र के ग्वालटोली चौक निवासी 22 वर्षीय अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, झंडा चौक के पास शोभायात्रा के दौरान अभिषेक के सीने में चाकू घोंप दिया गया था। उसे गंभीर हालत में रांची ले जाया गया, जहां इोलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

हिंसा की शुरुआत मुख्य रूप से मडईकलां और नगवां अखाड़े के बीच शोभायात्रा के मार्ग को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और उपद्रवियों ने शोभायात्रा में शामिल ट्रकों, डीजे सिस्टम और लाइटिंग उपकरणों में जमकर तोड़फोड़ की। इसके पहले हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत गदोखर गांव में रामनवमी जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प हुई।

जुलूस के दौरान डीजे बॉक्स पर चढ़कर करतब दिखाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते संघर्ष में बदल गया। इसी दौरान गदोखर पंचायत के मुखिया के भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रशासन का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे धार्मिक तनाव से अधिक व्यक्तिगत दुश्मनी और अखाड़ाधारियों की आपसी रंजिश मुख्य कारण रही है। उच्च डेसिबल वाले डीजे सिस्टम के अनियंत्रित उपयोग को भी तनाव और संचार बाधा का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए 5,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि रामनवमी महासमिति के साथ हुई बैठकों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कुछ अखाड़ाधारियों की हठधर्मिता के कारण यह हिंसक घटनाएं घटीं। फिलहाल शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि शेष शोभायात्राओं को सुरक्षित रूप से संपन्न कराया जा सके।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी