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हाथरस : 2 रुपए ज्यादा वसूलना पड़ा महंगा, पानी की बोतल मामले में रेस्टोरेंट पर 1.06 लाख रुपए का जुर्माना

लखनऊ, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हाथरस के बीसीसीएन रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर दो रुपए ज्यादा वसूलना भारी पड़ा है। इस मामले में उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है।
 

लखनऊ, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हाथरस के बीसीसीएन रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर दो रुपए ज्यादा वसूलना भारी पड़ा है। इस मामले में उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर महज दो रुपए अतिरिक्त वसूलना भारी पड़ गया। मामला हाथरस के मशहूर बीसीसीएन रेस्टोरेंट का है, जहां 18 रुपए एमआरपी वाली पानी की बोतल के 20 रुपए वसूलने और उस पर अलग से जीएसटी लगाने को लेकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत की गई थी।

मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के मुताबिक जब रेस्टोरेंट से अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत की गई, तो पैसे वापस करने के बजाय जवाब मिला कि हमारा बड़ा होटल होता तो इसी बोतल के 50 रुपए लेते।

इसके बाद रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा। अधिवक्ता के अनुसार, कई नोटिस के बावजूद रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ।

आखिरकार आयोग ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट को एक लाख रुपए जिला उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करने, पांच हजार रुपए अधिवक्ता फीस और एक हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। सिर्फ दो रुपए की अतिरिक्त वसूली से शुरू हुआ विवाद एक लाख छह हजार रुपए के आर्थिक दंड और मुआवजे तक पहुंच गया।

मामले को लेकर अंकुर अग्रवाल, अधिवक्ता, उपभोक्ता फोरम अलीगढ़ ने बताया कि हाथरस का जो बीसीसीएन होटल है, उसमें खाना खाने के दौरान पानी की बोतल जबरन दी गई। पानी की बोतल पर एमआरपी 18 रुपए थी, लेकिन उसका 20 रुपए लिया गया और साथ में जीएसटी का भी एक्स्ट्रा शुल्क लगाया गया।

जब होटल वालों से एक्ट्रा चार्ज और अतिरिक्त जीएसटी के बारे में बात की गई थी, तो उन्होंने कहा कि अगर हमारा और बड़ा होटल होता तो आपसे 50 रुपए लेते। इसके बाद रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर गुरुवार को उपभोक्ता आयोग द्वारा रेस्टोरेंट के खिलाफ एक लाख छह हजार रुपए के आर्थिक दंड और मुआवजे का फैसला लिया गया है।

--आईएएनएस

डीके/वीसी