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हाथियों को पत्थर मारकर न भगाएं, फसलों के नुकसान का मिलेगा मुआवजा : क्योंझर डीएफओ

क्योंझर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर वन विभाग ने चिंता जताई है। क्योंझर के डीएफओ एचडी धनराज ने कहा कि घटते जंगल और हाथियों के रहने की जगह कम होने के कारण यह संघर्ष लगातार बढ़ रहा है।
 

क्योंझर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर वन विभाग ने चिंता जताई है। क्योंझर के डीएफओ एचडी धनराज ने कहा कि घटते जंगल और हाथियों के रहने की जगह कम होने के कारण यह संघर्ष लगातार बढ़ रहा है।

डीएफओ धनराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में क्योंझर वन खंड में कुल 154 हाथी घूम रहे हैं, जो 15 अलग-अलग झुंडों में बंटे हुए हैं। इनमें से 36 हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले तीन-चार दिनों से टाउन सेक्शन के अंतर्गत मैदान केला क्षेत्र में धूम रहा है। उन्होंने बताया कि हाथियों का यह आना-जाना प्राकृतिक है और हर साल होता है लेकिन इस बार धान की फसल तैयार होने के कारण नुकसान की घटनाएं बढ़ गई हैं।

डीएफओ ने बताया कि मैदान केला में मौजूद 36 हाथियों का झुंड फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। धान की फसल को हाथियों द्वारा कुछ मात्रा में नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों में चिंता है।

इस स्थिति को लेकर डीएफओ एच.डी. धनराज ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने कहा, "जितना भी नुकसान होता है, उसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार बढ़ी हुई, रिवाइज्ड राशि दे रही है। हम 97 से 98 प्रतिशत लोगों को समय सीमा के अंदर मुआवजा दे देते हैं, इसलिए किसान चिंता न करें। अगर फसल या घर को नुकसान होता है तो उसका मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और हम समय पर देते हैं।"

साथ ही, डीएफओ ने लोगों की कुछ गलत आदतों पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई बार लोग चाहते हैं कि हाथी उनके गांव में न आएं और दूसरे गांव की ओर चले जाएं, इसके लिए वे हाथियों को पत्थर मारते हैं, आग जलाते हैं, ट्रैक्टर, बड़े-बड़े ट्रक और टू-व्हीलर से शोर मचाते हैं। इस तरह की हरकतों से हाथी परेशान और आक्रामक हो जाते हैं। लोगों को अपना दुश्मन समझने लगते हैं। इसी वजह से घरों को तोड़ने, फसलों को नष्ट करने की घटनाएं ज्यादा होती हैं और कई बार लोगों को गंभीर चोटें भी लग जाती हैं।

डीएफओ धनराज ने स्पष्ट कहा कि हाथियों को भगाने के लिए हिंसक तरीकों का इस्तेमाल करने से टकराव और भी बढ़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से वन विभाग का सहयोग करने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है, ताकि जन-धन दोनों की हानि को रोका जा सके।

--आईएएनएस

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