Aapka Rajasthan

हताशा में हैं राहुल गांधी, मानसिक स्वास्थ्य जांच जरूरी : मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणियों पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं वो एक नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता।
 

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणियों पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं वो एक नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, "राहुल गांधी इस समय बहुत ज्यादा हताशा में हैं और मुझे लगता है कि उन्हें इस समय मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जरूरत है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए वे जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसी भाषा की उम्मीद विपक्ष के नेता के पद पर बैठे किसी व्यक्ति से नहीं की जा सकती। उन्होंने संसद की गरिमा को शर्मसार किया है।"

मनोज तिवारी ने कहा, "मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मुझे लगता है कि वे इतने हताश हैं कि कहीं खुद को नुकसान न पहुंचा बैठें। राहुल गांधी संसद के अंदर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो बाहर क्या करेंगे? इसमें कोई शक नहीं है।"

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिनसे देश की छवि खराब होती है। कांग्रेस पार्टी को आत्ममंथन करने की जरूरत है।"

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "राहुल गांधी ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं। पिछले 75 सालों में विपक्ष का कोई भी नेता ऐसा नहीं हुआ जिसने संसदीय मर्यादा का इस हद तक उल्लंघन किया हो। संसद को चलने नहीं दिया गया और संसद के बाहर एक मंच बना लिया गया। हर दिन कोई न कोई ड्रामा होता था - कभी किसी सांसद को साधु के वेश में भेजना, कभी बंदर ले आना, या फिर किसी एक्टर की तरह व्यवहार करना। क्या वे विपक्ष के नेता हैं या किसी सर्कस के नेता। इसके बाद पीएम मोदी को लेकर तू-तड़ाक करना कहां से शोभा देता है। पीएम मोदी के लिए ऐसी भाषा इस्तेमाल करने के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस