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हरियाणा: जींद के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना', कम लागत में ज्यादा उपज संभव

जींद, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना हरियाणा के जींद जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि इस योजना से उन्हें अपनी जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों के बारे में सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे कम लागत में ज्यादा उपज लेना संभव हो पा रहा है।
 

जींद, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना हरियाणा के जींद जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि इस योजना से उन्हें अपनी जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों के बारे में सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे कम लागत में ज्यादा उपज लेना संभव हो पा रहा है।

किसानों ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किसानों के लिए एक फायदेमंद योजना है। इससे उपजाऊ जमीन के अंदर मौजूद पोषक तत्वों के बारे में मिट्टी की सैंपलिंग से पता चल जाता है, जिससे किसान कम खाद की लागत से ज्यादा उपज हासिल कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से खेतों के अंदर मिट्टी की जांच के सैंपल लैब में जाते हैं, जिससे सटीक जानकारी किसानों को मिलती है, जिसके तहत समय रहते किसान अपनी मिट्टी के बारे में सही जानकारी भी हासिल कर लेता है।

जींद के लाभार्थी किसान अनूप ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना बहुत अच्छी योजना है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों को कम लागत में फायदा होगा। सरकार किसानों के लिए बहुत अच्छा काम कर रही है।"

वहीं, किसान धर्मवीर ने कहा, "प्रधानमंत्री की इस योजना के तहत हमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के बारे में जानकारी मिली है। यह भविष्य में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसमें बताया गया है कि किसानों की मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे और समय पर उनकी जांच की जाएगी। यह योजना किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। हम सरकार का धन्यवाद करते हैं।"

बता दें कि सरकार किसानों के हित के लिए अलग-अलग योजनाएं लेकर आती हैं, जिससे किसानों की आमदनी भी बढ़ती है और घरों में खुशहाली भी आती है। पहले किसानों के लिए कोई बड़ी योजना नहीं थी, लेकिन मोदी सरकार में किसानों के लिए अनेकों प्रकार की जनहित योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे किसानों के लिए अब खेती करना बहुत ही सरल और आसान हो गया है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी