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हरियाणा पुलिस ने गन और गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले 67 गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटवाया

चंडीगढ़, 15 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर संस्कृति, हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले 67 गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटवा दिया है।
 
हरियाणा पुलिस ने गन और गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले 67 गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटवाया

चंडीगढ़, 15 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर संस्कृति, हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले 67 गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटवा दिया है।

यह कार्रवाई पिछले एक साल से चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और साइबर यूनिट ने गहन जांच के बाद इन गानों को चिह्नित किया। ये गाने यूट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेजन म्यूजिक, गाना और जियोसावन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध थे। जांच में पाया गया कि ये गाने युवाओं को प्रभावित कर रहे थे। इनमें गैंगस्टरों को हीरो के रूप में दिखाया जाता था, हथियारों और अपराधी जीवन को चमकदार और लग्जरी से भरा बताया जाता था, जबकि हकीकत में अपराधी जीवन खतरे, कानूनी सजा और परिवार की तकलीफों से भरा होता है।

डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि यह कार्रवाई समाज और खासकर युवाओं के हित में की गई है। उनका मकसद सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया में जाने से बचाना भी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराधी जीवन की सच्चाई से युवा अनजान रहते हैं। ऐसे गाने अपराधियों को रोल मॉडल बनाते हैं, जबकि असल में वे कानून के शिकंजे में फंसते हैं। पुलिस ने साफ किया कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कोई भी प्लेटफॉर्म अपराध को बढ़ावा देने वाली सामग्री होस्ट नहीं कर सकेगा।

एसटीएफ आईजी सतीश बालन ने बताया कि युवाओं पर डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने गायकों, गीतकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से बातचीत की है। उन्हें सलाह दी गई है कि हिंसा, गैंगस्टर या हथियारों का महिमामंडन न करें, क्योंकि ऐसा कंटेंट समाज में डर फैलाता है और अपराधी मानसिकता को बढ़ावा देता है। पुलिस सोशल मीडिया पर अपराधियों के पोस्ट लाइक या शेयर करने वालों पर भी नजर रख रही है। गैंगस्टर अक्सर ऐसे प्लेटफॉर्म्स से युवाओं को लुभाते और भर्ती करते हैं।

इसके साथ ही हरियाणा एसटीएफ ने विदेशी हैंडलर्स से चल रहे आतंक-गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने में भी बड़ी सफलता हासिल की है। डीजीपी ने युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे इन्फ्लुएंसर्स या कंटेंट से प्रभावित न हों, जो अपराध को ग्लोरिफाई करते हैं। बॉलीवुड की कई फिल्में भी अपराध को मनोरंजन के नाम पर दिखाती हैं, लेकिन वे सिर्फ कल्पना हैं। असल जिंदगी में अपराधी पुलिस के शिकंजे में आ ही जाते हैं। यह अभियान युवाओं को सही दिशा में ले जाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी