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हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा स्पीकर से की मानसा एसएसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन कार्रवाई की मांग

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी ने एक सांसद के रूप में उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाली और नशे के कारण जान गंवाने वाले एक युवक के मामले में उनकी गंभीर चिंताओं को नजरअंदाज किया।
 

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी ने एक सांसद के रूप में उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाली और नशे के कारण जान गंवाने वाले एक युवक के मामले में उनकी गंभीर चिंताओं को नजरअंदाज किया।

हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत औपचारिक नोटिस देकर इस मामले में विशेषाधिकार हनन का प्रश्न उठाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने पंजाब सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करने और संबंधित सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की मांग भी की है।

यह मामला मानसा जिले के एक सीमांत किसान दलजीत सिंह की मौत से जुड़ा है, जिसकी मृत्यु नशे के सेवन के बाद हो गई थी। हरसिमरत कौर बादल के अनुसार, परिवार की इच्छा के विरुद्ध पुलिस ने बल प्रयोग कर दलजीत सिंह का शव अपने कब्जे में ले लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार शव को मानसा में उस धरना स्थल पर ले जाना चाहता था, जहां नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का परिवार प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। बादल का दावा है कि पुलिस ने न केवल शव को जबरन परिवार से छीन लिया बल्कि पिता जरनैल सिंह को भी साथ ले गई।

सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को एसएसपी वैभव चौधरी के साथ 29 अक्टूबर को हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। उनका कहना है कि यह रिकॉर्डिंग अधिकारी की लापरवाही और मामले की निष्पक्ष जांच में बाधा डालने के प्रयासों का प्रमाण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान एसएसपी ने बार-बार उनकी बात काटी, उनके बयानों को गलत कहानी बताया और उनकी चिंताओं को अनुचित करार दिया। हरसिमरत कौर बादल के अनुसार, एसएसपी ने दावा किया कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शव को अपने कब्जे में लिया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि शव एम्स बठिंडा में रखा गया है और परिवार को उसे स्वयं ले जाना चाहिए।

सांसद ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने मृतक के पिता जरनैल सिंह को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने संबंधी उपलब्ध फोटोग्राफिक सबूतों की जानकारी होने से भी इनकार किया तथा मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी।

हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले से जुड़े सभी दस्तावेज तलब करने की मांग की है। इनमें संबंधित एफआईआर, जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जरनैल सिंह को हिरासत में लिए जाने से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ड्रग्स की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन का ध्यान दूसरे मुद्दों पर केंद्रित दिखाई दिया, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हुई है।

सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी वैभव चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी