हरदोई से गिरफ्तार हुआ 'काली सरकार', आर्मी की तरह ड्रेस पहनकर लगाता था 'दिव्य दरबार'
हरदोई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में 'दिव्य दरबार' लगाकर चर्चा में आए काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला को हरदोई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 1993 और 1998 में दर्ज आपराधिक मामलों में न्यायालय से जारी समन के बावजूद वह पेश नहीं हो रहा था। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण आरोपी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था।
हरदोई के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला झांसी के कुरैंचा गांव स्थित मंदिर में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से रह रहा था। वह आर्मी जैसी ड्रेस पहनकर दरबार लगाता था और लोगों की बीमारियां ठीक करने का दावा करता था। सोशल मीडिया पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।
हरदोई पुलिस ने इससे पहले 10 अक्टूबर को भी उसे हिरासत में लिया था, लेकिन पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे न्यायालय से राहत मिल गई थी। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एक नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीओ नगर हरदोई अजीत चौहान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को थाना कोतवाली शहर के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला पुत्र मायारा, निवासी चौहान थोक, के खिलाफ कोर्ट से वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदीप शुक्ला के खिलाफ पहला मामला साल 1993 में दर्ज हुआ था। यह मुकदमा आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत दर्ज किया गया था। इसी साल उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें आईपीसी की धारा 394, 397 और 411 लगाई गई। इसके अलावा, साल 1998 में आईपीसी की धारा 324 के तहत भी मामला दर्ज हुआ था। इन पुराने मामलों में आरोपी लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा था। इसी वजह से उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था।
--आईएएनएस
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