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हामिद अंसारी जब तक पद पर रहे मुसलमानों के लिए कुछ नहीं बोला : मौलाना साजिद रशीदी

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने हामिद अंसारी के बयान और इटली में 'बुर्का बैन' पर प्रतिक्रिया दी है।
 

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने हामिद अंसारी के बयान और इटली में 'बुर्का बैन' पर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, "हामिद अंसारी के बयान के दो हिस्से हैं। एक हिस्सा यह है कि जब तक वे पद पर रहे, उस वक्त तक उन्होंने न तो मुसलमानों के लिए कुछ बोला और न ही कुछ किया। वे उपराष्ट्रपति थे और कर सकते थे। हालांकि उनके बयान का दूसरा हिस्सा जो है, उससे वाकई देश का नुकसान है। 'भगवा कट्टरवाद' से देश को नुकसान है। इसको परंपरा नहीं कहा जा सकता। जो देश में मुसलमानों को देखना नहीं चाहते, परंपरा कहकर उन लोगों को बचाने का काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया है।"

साजिद रशीदी ने कहा, "यह इस्लाम और मुसलमान के खिलाफ नफरत है। हमारे देश को अनेकता में एकता के लिए जाना जाता है। अलग-अलग पूजा पद्धति और अलग-अलग क्रियाओं के साथ एक-दूसरे संग मोहब्बत के साथ रहते हैं। पिछले कुछ वर्षों से इस मोहब्बत में जिस तरह से नफरत का जहर घुला है, इसी वजह से कहीं पर भी मुसलमानों को पकड़कर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगवाए जाते हैं। मेरा मानना यही है कि यह परंपरा नहीं है।

साजिद रशीदी ने कहा, "हिंदुओं की ओर से यहां तक कह दिया जाता है कि यह देश हिंदुओं और सनातनियों का है। यह देश हिंदू राष्ट्र है। इस तरह की भाषा बोलने वाले देश के खिलाफ हैं और संविधान, मोहब्बत और सभ्यता को तोड़ने वाले हैं, इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।"

इटली में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने वाले प्रस्ताव की तैयारी पर साजिद रशीदी ने कहा, "अगर हम इटली की सभ्यता को यहां लाने की कोशिश करेंगे तो उससे हमारे देश की सभ्यता और प्यार-मोहब्बत बिगड़ेगा। यूरोप में जो भी कुछ हो रहा है, हम उसको अपना नहीं सकते। हमको तो यह देखना है कि देश में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी को संविधान ने क्या कुछ दिया है, संविधान बुर्के के लिए क्या कहता है, संविधान इस्लामिक प्रैक्टिस करने के लिए क्या कहता है। संविधान का कहना है कि आप आजाद हो, अपने धर्म पर अमल कर सकते हो और प्रचार-प्रसार कर सकते हो। ऐसे में हम इटली की बात क्यों करते हैं?"

साजिद रशीदी ने कहा कि अगर इटली में बुर्के पर बैन लगाया जा रहा है तो यहां भी बैन कर दिया जाएगा क्या? अगर ऐसा है तो संविधान को खत्म कर देना चाहिए। मेरा मानना है कि इस तरह का सवाल ही फर्जी है। इस्लामिक मुल्कों में इस्लामी सजाएं हैं, क्या इस्लामिक सजाएं यहां ले आएंगे। मैंने कहा है कि यहां इस्लामिक सजाओं का प्रावधान कर दो, दुष्कर्म की घटना बंद हो जाएगी और चोरी, भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा।

--आईएएनएस

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