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मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम में विवाद पर प्रियांक खड़गे बोले-'हमें उनसे संस्कृति सीखने की जरूरत नहीं'

बेंगलुरु, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा गैरजरूरी मुद्दों को मुद्दा बनाना पसंद करती है। प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने खुद राजीव गांधी और इंदिरा गांधी पर कई टिप्पणियां की हैं और वह ये भूल जाते हैं, हमें उनसे संस्कृति सीखने की जरूरत नहीं है।
 

बेंगलुरु, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा गैरजरूरी मुद्दों को मुद्दा बनाना पसंद करती है। प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने खुद राजीव गांधी और इंदिरा गांधी पर कई टिप्पणियां की हैं और वह ये भूल जाते हैं, हमें उनसे संस्कृति सीखने की जरूरत नहीं है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, "भाजपा गैरवाजिब मुद्दों को मुद्दा बनाना पसंद करती है। कल जो हुआ, उस पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें समझना चाहिए कि वह कैसे हुआ। साफ तौर पर वहां भाजपा का एक समर्थक बैठा था और कह रहा था कि मोदी का कुछ नहीं होगा। उसने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जिसके जवाब में उन्होंने बयान दिया।"

उन्होंने कहा कि आप सब जानते हैं कि आम तौर पर लोग इसी तरह बात करते हैं, चाहे किसी भी भाषा में हो। इससे भी अहम बात यह है कि भाजपा को अपना इतिहास भी देखना चाहिए, जहां पीएम मोदी हजारों लोगों की भीड़ के सामने मंच से राजीव गांधी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। अमित शाह ने इंदिरा गांधी के बारे में कहा था कि वो स्वर्ग से भी उतरकर आ गईं तो भी एनडीए का कुछ नहीं कर सकती। 'जर्सी गाय' शब्द किसने इस्तेमाल किया था और 'हाइब्रिड गाय' शब्द किसने कहा था?

प्रियांक खड़गे ने कहा कि ये तथाकथित संस्कारी लोग सुविधानुसार भूल जाते हैं कि मोदी-शाह ने क्या-क्या कहा है। तो जो भी हो, आप एफआईआर दर्ज कराएं या सौ लोग आकर हमें ट्रोल करें, कुछ बदलने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमें उनसे संस्कृति सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जो किया, उसकी मर्यादा का क्या? ये बातें उन्होंने कही हैं। जब आप उन्हीं की भाषा में जवाब देते हैं, तो उन्हें समस्या होती है। वे प्रदर्शनकारियों को लेकर एक धारणा बनाए हुए हैं। वे लोगों का ध्यान अपने पसंदीदा व्यक्ति सीईसी ज्ञानेश कुमार से छिपाना चाहते हैं। वह कहां छिपे हुए हैं? यही समस्या है। वे बस उन मौजूदा समस्याओं से ध्यान भटकाना चाहते हैं जिनका वे सामना कर रहे हैं। वे सवालों के जवाब नहीं देना चाहते।

एचडी कुमारस्वामी को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा कि वे हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं क्योंकि वे केंद्र सरकार के बेरोजगार मंत्री हैं। दिल्ली में उनके पास कोई काम नहीं है। इसी वजह से वे हर दिन मीडिया के सामने आकर बैठ जाते हैं। मैंने उनसे एक सीधा-सा सवाल पूछा- जिन तीन लोगों को हमने नोटिस दिए हैं, वे फरार हैं, वे कहां हैं? वे सब उनके करीबी हैं, है न? वे कहां छिपे हैं, या क्या वे उन्हें छिपा रहे हैं? वे इस बारे में स्पष्ट जवाब दें।

उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि रितेश पांडे कौन हैं और वे किसके लिए काम करते हैं। मैंने आपसे कहा था, यह बस समय की बात है। कुमारस्वामी की बहुत बुरी फजीहत होने वाली है।

उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों कहा गया है। इससे भी अहम बात यह है कि सब कुछ परंपरा के अनुसार ही हुआ है। इसलिए अगर कोई कमी है, अगर वे किसी खास कमी की ओर इशारा कर रही हैं, तो हम उसकी जांच करेंगे। हालांकि जहां तक मुझे पता है, चाहे बंदोबस्त हो, सम्मानित किए जाने वाले मेहमान हों या परंपराओं का पालन, सब कुछ हमेशा की तरह ही किया गया है।

--आईएएनएस

केके/पीएम