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हमारा व्यवहार परस्पर आत्मीयता व समरसतापूर्ण होना चाहिए: स्वान्त रंजन

लखनऊ, 4 जनवरी (आईएएनएस)। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा लखनऊ विभाग के चारों जिलों में रविवार को भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य के विषयों को रखा। सम्मेलन में सभी जाति बिरादरी के महिला, पुरुष और युवाओं की सहभागिता रही।
 
हमारा व्यवहार परस्पर आत्मीयता व समरसतापूर्ण होना चाहिए: स्वान्त रंजन

लखनऊ, 4 जनवरी (आईएएनएस)। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा लखनऊ विभाग के चारों जिलों में रविवार को भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य के विषयों को रखा। सम्मेलन में सभी जाति बिरादरी के महिला, पुरुष और युवाओं की सहभागिता रही।

लखनऊ दक्षिण भाग की आनन्द बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने कहा कि मिलजुलकर साथ रहना सीखें। हमारा व्यवहार परस्पर आत्मीयता व समरसतापूर्ण होना चाहिए। संपूर्ण हिन्दू समाज को जोड़कर चलना है। समाज को तोड़ने के प्रयत्न चल रहे हैं। हिन्दू समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए मिलकर प्रयत्न करना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने रविवार को गंगोत्री इन्क्लेव में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दू समाज को टुकड़े-टुकड़े में तोड़ने का काम देश के तथाकथित राजनेताओं के द्वारा किया जा रहा है। तथाकथित राजनेताओं ने हमारे देवी-देवताओं को बांटा। इससे भी पेट नहीं भरा तो इन्होंने महापुरुषों का भी जाति में बंटवारा कर दिया। क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि महापुरुषों ने सर्व समाज के लिए काम किया। हम सब को मिलकर सभी महापुरुषों की जयंती मनानी चाहिए।

अनिल ने कहा कि दुनिया के ​किसी भी देश में जाति की पार्टी नहीं है। दु​निया में एकमात्र देश भारत है, जहां हर जाति की पार्टी बनाई जा रही है। समाज को तोड़ने के षड्यंत्र को समझना होगा। क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षित बनो, संगठित बनो। उन्होंने किसी एक जाति के लिए नहीं कहा था, लेकिन उनके भाषण को तोड़मरोड़ कर सुनाया जाता है। दुनिया में हिन्दुओं को संरक्षण देने वाला एकमात्र देश भारत है। हम सबको जाति के बंधनों से ऊपर उठकर संगठित होना पड़ेगा।

कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने अपने उद्बोधन में हिंदू समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका तथा वर्तमान सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखा।

सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर क्यू अलीगंज में मारुति बस्ती के हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए इतिहास संकलन समिति के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री संजय श्रीहर्ष ने कहा कि संघ स्थापना काल से हिन्दू समाज की एकता, अखण्डता एवं सम्प्रभुता के लिए कार्य कर रहा है। हमने सदैव वसुधैव कुटुम्बकम का पूर्णतया पालन किया है। उत्तर भाग के लवकुशनगर की रामकृष्ण बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए संगठित हिन्दू समाज की आवश्यकता समझाते हुए समाज को जागरूक और सक्रिय रहने का आह्वान किया।

सुभाष नगर की सदर बस्ती के हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रान्त प्रमुख राजकिशोर ने कहा कि हमारे मंदिर जन जागृति का केन्द्र बनने चाहिए। पंच परिवर्तन व्यक्ति, परिवार तथा समाज के आचरण में अभिव्यक्त हो। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज से विषमता दूर होनी चाहिए। सामाजिक समरसता के लिए संघ आज देशभर में काम कर रहा है।

जियामऊ स्थित कल्याण मण्डप में हिन्दू महासम्मेलन को संबोधित करते हुए विभाग कार्यवाह अमितेश ने कहा कि कहीं भाषा के नाम पर, कहीं जाति के नाम पर देश को बांटने के षड्यंत्र हो रहे हैं। संगठित हिन्दू समाज ही सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। विभाग प्रचारक अनिल ने रैदास नगर और प्रान्त बाल कार्य प्रमुख आशुतोष ने लकड़ मण्डी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित किया।

हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास, बावन मंदिर अयोध्या के महंत वैदेही वल्लभ शरण महाराज, महंत दिव्या गिरि, और अमृत चैतन्य ने अलग-अलग स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता की। लखनऊ उत्तर भाग के हनुमान नगर, लवकुश नगर, विवेकानंद नगर, केशव नगर, महर्षि नगर, सुहेलदेव नगर, भाऊराव नगर, और जानकी नगर में हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 4000 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए।

दक्षिण भाग के सरस्वती नगर, सवाद नगर, सुभाष नगर, संत रैदास नगर, वासुदेव नगर, माधव नगर, आनंद नगर, केशव नगर, गोकुल नगर और श्रीकृष्णा नगर में हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 3000 लोग शामिल हुए। पश्चिम भाग के शत्रुघ्न नगर, बजरंग नगर, लक्ष्मण नगर में हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 1500 लोग शामिल हुए। लखनऊ के पूरब भाग के श्रद्धानंद नगर, दयानंद नगर, सरदार पटेल नगर, बलिराम नगर में हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 3000 लोग शामिल हुए।

सह विभाग कार्यवाह ब्रजेश ने बताया कि लखनऊ की सभी बस्तियों में हिन्दू सम्मेलन होगा। आज प्रथम दिन था। 31 जनवरी तक हिन्दू सम्मेलन होंगे। हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, एकता और देशभक्ति की अद्भुत झलक देखने को मिली। सभी जगह संघ साहित्य की भी स्टाल लगाए गए थे। कई स्थानों पर समरसता भोज का भी आयोजन किया गया।

--आईएएनएस

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