हम नहीं चाहते बहन-बेटियां सूटकेस में मिले, इसलिए यूसीसी जरूरी : भाजपा नेता रितेश तिवारी
कोलकाता, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद कोयल मलिक सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुईं। भाजपा नेताओं ने इस सियासी बदलाव को पार्टी की वैचारिक जीत बताया और राज्य में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत दिया। वहीं, उन्होंने यूसीसी लागू करने के समर्थन पर जोर दिया।
भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कहा, "कोयल जब राजनीति में नई थी, तब भी वो प्रिय थी, उसके साथ मेरा प्यारा रिश्ता है। जब राजनीति में आईं, टीएमसी सरकार में सांसद बनीं, तब भी मुझे कोई ऐतराज नहीं था, क्योंकि मुझे लगा कि उनका मन है। लेकिन, टीएमसी की सरकार जाने के बाद उन्होंने वो पद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं। वो भाजपा का राज्यसभा पद ग्रहण करने के लिए तैयार हो गईं। मैं बहुत खुश हूं।"
भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक मतभेद क्या था, क्या नहीं, इस पर कभी चर्चा करने का मौका ही नहीं मिला। वो बहुत ही प्यारी लड़की हैं। वो बहुत पढ़ी-लिखी हैं, तो राज्यसभा में ऐसे लोग काम में आएंगे। हमारा बहुत पुराना और प्यारा रिश्ता है। वो मेरी बेटी की तरह हैं। बहुत पहले से वो मुझे अच्छी लगती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पीएम मोदी को पसंद करते थे, उनकी विचारधारा को पसंद करते थे, शायद कह नहीं पाते थे। बहुत सारे लोगों से मेरी बात होती रहती है, उसे सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने को लेकर कहा कि कोई भी कानून लागू करना जरूरी है। बिल अच्छा है। भाजपा ऐसा कुछ नहीं करेगी, जो सिर्फ बिल पास कराने के लिए हो।
भाजपा नेता रितेश तिवारी ने कहा कि पार्टी की राज्यसभा की शक्ति कोयल मलिक के शामिल होने से बढ़ी है। टीएमसी राज्यसभा में समाप्ति की ओर है। दो-तीन लोग बचे हैं। विधानसभा चुनाव में बंगाल की जनता ने उन्हें बुरी तरह से प्रभावित किया। चुनाव के बाद उनकी लोकसभा सांसदों ने टीएमसी को टाटा कहा। इसके बाद जीते हुए विधायकों ने भी बाय-बाय कर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि अब बचे हुए जो राज्यसभा के सांसद हैं, वो भी एक-एक करके जा रहे हैं। चार छोड़कर गए, अब गिनते रहिए आपलोग। आप सभी को ममता बनर्जी और टीएमसी के प्रति आभार जताना चाहिए कि रोज खबरें मिलती हैं।
रितेश तिवारी ने कहा कि ममता बनर्जी (पार्टी में) रहेंगी, इसकी गारंटी है क्या? बुआ-भतीजा के अलावा उस कैंप में कोई बचेगा नहीं। दो-चार टोपीधारी रहेंगे बस। वक्त इस बात का जवाब देगा।
यूसीसी को लेकर उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों को फुसलाकर जिस तरह से उनका परिणाम सूटकेस और फ्रिज से निकलता है, यह देखने के बाद कोई भी जिम्मेदार सरकार, यही करेगी, जो मुख्यमंत्री ने कहा है। हम नहीं चाहते कि किसी भी बहन-बेटी का अंतिम समय सूटकेस में निकले, नदी-नाले के किनारे या किसी बोरी में मिले। इसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री अगर किसी कानून को लाने की बात करते हैं, तो उसका समर्थन होना चाहिए।
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