हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर बोले पवन खेड़ा, देखते हैं सरकार कब दर्ज कराएगी एफआईआर
नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। हल्द्वानी में 'शुद्धिकरण' को लेकर सामने आए विवाद पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि देखते हैं कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में कब एफआईआर दर्ज करवाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में धर्म को अनावश्यक रूप से लाया जा रहा है और अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वे इसमें धर्म को ला रहे हैं। ऐसा कोई मुद्दा नहीं है। सभी ने अपनी आंखों से देखा है कि क्या हुआ था। सभी ने शुद्धिकरण का वीडियो देखा। अब यह मामला तूल पकड़ रहा है तो राज्य की भाजपा सरकार को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। अभी तक वह एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के मामले में प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से निंदा का एक भी शब्द नहीं आया। उन्होंने कहा कि वह इंतजार कर रहे हैं कि इस मामले में कब एफआईआर दर्ज होती है।
उन्होंने कहा कि जो लोग एनडीए का हिस्सा हैं, उनके मन में भी यह आशंका है कि संविधान के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। वे 240 सीटों पर ही रुक गए, वरना वे संविधान को ही खत्म कर देते।
उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर भी दावा किया कि भारत अब बदल चुका है। पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश से रूबरू होते हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि अब लोग इस कार्यक्रम को सुनते हैं।
समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वर्ष 2017 में अपना सरकारी आवास खाली किया था, तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने उसे गंगाजल से धुलवाया था। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी ऐसी मानसिकता के लोग हैं, जो पशुओं को देवता मानते हैं और इंसानों से घृणा करते हैं।
उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई घटना को संविधान का अपमान बताया।
--आईएएनएस
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