Aapka Rajasthan

हड्डियों की मजबूती से मानसिक शांति तक, एक आसन में छिपा है सेहत का राज

नई दिल्ली, 21 (आईएएनएस)। आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने की भूलकर बैठते हैं। लंबे समय तक काम करना और स्क्रीन के सामने समय बिताना शरीर में थकान, तनाव और कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है। ऐसे समय में प्राचीन भारतीय विज्ञान योग एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है।
 
हड्डियों की मजबूती से मानसिक शांति तक, एक आसन में छिपा है सेहत का राज

नई दिल्ली, 21 (आईएएनएस)। आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने की भूलकर बैठते हैं। लंबे समय तक काम करना और स्क्रीन के सामने समय बिताना शरीर में थकान, तनाव और कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है। ऐसे समय में प्राचीन भारतीय विज्ञान योग एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है।

योग के अनेक आसनों में पर्वतासन एक ऐसा आसन है, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ मन को शांत और स्थिर रखने में मददगार है।

पर्वतासन दो शब्दों से मिलकर बना है। 'पर्वत' यानी पहाड़ और 'आसन' यानी की मुद्रा या फिर स्थिति। इस आसन को करते समय शरीर की पूरी आकृति एक ऊंचे, मजबूत और स्थिर पहाड़ की तरह होती है। यह आसन शुरुआती अभ्यासकर्ताओं के लिए बहुत आसान है और वे रोजाना कुछ ही समय करके शानदार परिणाम पा सकते हैं।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इसे सरल और प्रभावी योगासन बताया है। उनके अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से पैरों, जांघों, पीठ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। साथ ही, यह रीढ़ की हड्डी को सीधा और लचीला रखने में मदद करता है।

इसके करने के दौरान पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पाचन तंत्र में सुधार आता है। नियमित अभ्यास से शरीर की मुद्रा सुधरती है और कद भी दिखने में लंबा लगता है।

मानसिक रूप से पर्वतासन बहुत फायदेमंद है। यह एकाग्रता बढ़ाता है, तनाव और चिंता को कम करता है। मन को स्थिरता प्रदान करता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए यह आसन खासतौर पर उपयोगी है।

पर्वतासन सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में रोजाना 5-10 मिनट पर्वतासन का अभ्यास करने से आप महसूस करेंगे कि शरीर हल्का, ऊर्जावान और मन शांत हो गया है, लेकिन गंभीर पीठ दर्द, घुटने की समस्या या हाल ही में सर्जरी हुई हो, तो इसे करने से बचें।

--आईएएनएस

एनएस/वीसी