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एच-1बी विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव

वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे। यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।
 

वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे। यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।

कंपनी ने कहा कि उसके एच-1बी आवेदन मुख्य रूप से कंपनी में पहले से काम कर रहे कर्मचारियों के इमिग्रेशन स्टेटस को बढ़ाने या बदलने के लिए थे। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, "हम अमेरिकी कार्यबल की ताकत और प्रतिभा में विश्वास करते हैं। यही कारण है कि अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक ही हैं।"

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह प्रशासन को अपनी भर्ती प्रक्रियाओं के बारे में अतिरिक्त जानकारी देना चाहता है। कंपनी ने कहा, "हम प्रशासन को और जानकारी देने के लिए तैयार हैं।"

उसने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान जमा किए गए 6,000 एच-1बी आवेदनों में से लगभग 80 प्रतिशत का उद्देश्य मौजूदा कर्मचारियों की स्थिति को बढ़ाना या बदलना था। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, "ये नए लोगों को भर्ती करने के लिए नहीं थे।"

कंपनी ने कहा कि बाकी आवेदनों में वे लोग शामिल थे जो पहले से ही कानूनी तौर पर अमेरिका में मौजूद थे और जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में शामिल होने का फैसला किया था। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि ये आवेदन उसके अमेरिकी कार्यबल के सिर्फ 1 प्रतिशत के लिए थे। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, "वे हमारे देश में नए नहीं आए हैं।"

कंपनी ने अपनी वेतन नीतियों का भी बचाव किया और उन सुझावों को खारिज कर दिया किएच-1बी कर्मचारियों का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों को कम वेतन देने के लिए किया जा रहा था। उसने कहा, "माइक्रोसॉफ्ट सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए एच-1बी याचिकाएं दाखिल करता है जो इस वीजा कैटेगरी के कड़े मानकों को पूरा करते हैं।"

दिग्गज टेक कंपनी ने बयान में कहा, "हम अपने एच-1बी कर्मचारियों को उतना ही वेतन देते हैं, जितना समान काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को दिया जाता है।" माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि उसकी सफलता घरेलू प्रतिभाओं को विकसित करके और दुनिया भर से उच्च कुशल पेशेवरों को आकर्षित करके एक मजबूत तकनीकी कार्यबल बनाए रखने पर निर्भर करती है।

कंपनी की यह प्रतिक्रिया एच-1बी कार्यक्रम की बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच आई है, जो अमेरिकी नियोक्ताओं को विशेष व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। प्रशासन का तर्क है कि रोजगार-आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रवर्तन की जरूरत है।

हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट के बयान में पीईआरएम कार्यक्रम से निलंबन के विशिष्ट कानूनी आधारों का उल्लेख नहीं किया गया है और न ही यह बताया गया है कि प्रतिबंध कितने समय तक लागू रह सकते हैं। कंपनी ने उन कर्मचारियों की संख्या का भी खुलासा नहीं किया, जिनके लंबित या भविष्य के स्थायी निवासआवेदनों पर असर पड़ सकता है।

यह निलंबन नियोक्ता की श्रम प्रमाणन प्रक्रिया का उपयोग करने की क्षमता से संबंधित है। यह अपने आप में मौजूदा एच-1बी वीजा को रद्द नहीं करता है और न ही कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ने के लिए बाध्य करता है। पीईआरएम का संचालन अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से किया जाता है और आमतौर पर उन नियोक्ताओं के लिए इसकी जरूरत होती है जो विदेशी श्रमिकों के लिए कुछ रोजगार-आधारित आप्रवासी वीजा चाहते हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/