गुरमीत राम रहीम के पैरोल पर जितेंद्र खुराना ने दी सफाई, कहा- कानून के तहत मिल रही राहत
चंडीगढ़, 5 जनवरी (आईएएनएस)। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली है। डेरा प्रमुख के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि हर कैदी को 70 दिन की पैरोल मिलती है, इन्हें भी कानून के तहत मिली है।
जितेंद्र खुराना ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को राज्य के सक्षम प्राधिकारी की ओर से 40 दिन की पैरोल दी गई है। यह सब कानून के दायरे में रहकर किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि हर कैदी को साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो का कानूनी अधिकार होता है। इसी अधिकार के तहत गुरमीत राम रहीम को भी 40 दिन की पैरोल दी गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल गुरमीत राम रहीम को ही नहीं दी जा रही है, बल्कि करीब 6,000 अन्य कैदी भी इसी नियम के तहत पैरोल और फरलो का लाभ ले रहे हैं। यह निर्णय पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और नियमों के अनुसार लिया गया है।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल यानी कुल 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी सजा काट रहा है। राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल को लेकर विवाद भी खड़ा होता रहा है।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने पहले भी राम रहीम के पैरोल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं, बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है, जिसे इस तरह की रियायतें नहीं मिलनी चाहिए।
हालांकि, हरियाणा सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर राम रहीम को हार्ड क्रिमिनल मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि राम रहीम एक अच्छे चाल-चलन वाला कैदी है और जेल नियमों के तहत उसे पैरोल या फरलो दी जाती है। नियमों के अनुसार, एक कैदी को साल में अधिकतम 90 दिन की पैरोल मिल सकती है।
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