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गुजरात सरकार की ‘मंगलम कैंटीन’ स्कीम ने महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

गांधीनगर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात की भाजपा सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘मंगलम कैंटीन’ स्कीम चला रही है। इस स्कीम से जुड़कर महिलाएं सिर्फ रोजगार ही नहीं पा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बन दूसरे महिलाओं को प्रेरित भी कर रही हैं।
 
गुजरात सरकार की ‘मंगलम कैंटीन’ स्कीम ने महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

गांधीनगर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात की भाजपा सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘मंगलम कैंटीन’ स्कीम चला रही है। इस स्कीम से जुड़कर महिलाएं सिर्फ रोजगार ही नहीं पा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बन दूसरे महिलाओं को प्रेरित भी कर रही हैं।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गुजरात सरकार ने शानदार पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘मंगलम कैंटीन’ स्कीम। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग के तहत चलाई जा रही गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड (जीएलपीसी) महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के मंत्र को साकार करते हुए राज्यभर में ‘मंगलम कैंटीन’ योजना का विस्तार कर रही है।

वर्तमान में राज्य में 200 से ज्यादा मंगलम कैंटीन संचालित हैं। गांधीनगर की मंगलम कैंटीन में काम करने वाली स्वयं सहायता समूह सखी मंडल की महिलाओं के मुताबिक, इनकम बढ़ने से उनका जीवन स्तर सुधरा है।

गांधीनगर स्थित मंगलम कैंटीन में कार्यरत कर्मचारी सरलाबेन ने कहा कि हम ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए हम यहां रसोई का काम करने आते हैं। हम यह काम करके अपना परिवार चला रहे हैं। गुजरात सरकार की ओर से महिलाओं के लिए यह बहुत अच्छा काम मिला है। हमें इसके अलावा और कुछ ज्यादा आता नहीं है, इसलिए हम गांव की बहनें यहां खाना बनाकर अपना और अपने परिवार का गुजारा कर रही हैं।

‘मंगलम कैंटीन’ के जरिए अब तक राज्य में 1,700 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिल चुका है और हर महीने 10 से 50 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। गांधीनगर की कैंटीन में भी बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही हैं।

मंगलम कैंटीन मैनेजर मितल प्रजापति ने कहा कि जीएलपीसी के माध्यम से गुजरात राज्य में बड़ी संख्या में बहनों को आजीविका मिली है। हम सभी बहनों को जीएलपीसी के माध्यम से होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई। इस ट्रेनिंग से हमें कैंटीन में अच्छी मदद मिल रही है। आज मैं अच्छा मैनेजमेंट कर सकती हूं और यहां मौजूद बहनों को प्रोत्साहित कर सकती हूं।

सरकारी दफ्तरों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, हॉस्टल, हॉस्पिटल, प्राइमरी हेल्थ सेंटर और पुलिस भवनों जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर मंगलम कैंटीन चलाई जा रही हैं। ‘मंगलम कैंटीन’ योजना महिला सशक्तिकरण की एक सफल मिसाल बन चुकी है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी