गुजरात सरकार के दफ्तरों में चरणबद्ध तरीके से खत्म होगा प्लास्टिक फाइलों का इस्तेमाल
गांधीनगर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक फाइल और फोल्डर के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने का फैसला किया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक सर्कुलर भी जारी किया है।
गुजरात सरकार का कहना है कि सरकारी कामकाज के दौरान निकलने होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए प्लास्टिक स्टेशनरी की जगह पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा दिया जाएगा।
गुजरात सरकार के सर्कुलर के अनुसार, गुजरात सचिवालय के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों के कार्यालयों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और निगमों, सरकारी समितियों एवं स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, सरकारी विश्वविद्यालयों तथा अनुदान प्राप्त संस्थानों में रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों के दौरान प्लास्टिक स्टेशनरी के इस्तेमाल को धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
इन कार्यालयों में प्लास्टिक फाइल और फोल्डर के स्थान पर कागज, जूट और खादी जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह निर्णय केंद्र सरकार के पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के तहत जारी पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि सरकार ने धीरे-धीरे सभी तरह की प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल कम करने का निर्णय लिया है। इसमें प्लास्टिक फाइलें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्लास्टिक फाइलों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण अनुकूल कागज की फाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले का पर्यावरण विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। पर्यावरण विशेषज्ञ समीर रामी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक फाइलों के इस्तेमाल को खत्म करना एक अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी प्लास्टिक का इस्तेमाल जितना संभव हो, उतना कम किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब सरकार स्वयं इस दिशा में पहल कर रही है तो आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
हालांकि, पहले से खरीदे गए प्लास्टिक फोल्डर और अन्य सामग्री को बेकार होने से बचाने के लिए सरकार ने मौजूदा स्टॉक खत्म होने तक उनके इस्तेमाल की अनुमति दी है। इसके बाद नई खरीदारी में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक कचरे को कम करने के साथ-साथ टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि सरकारी संस्थानों में इस तरह के बदलाव से अन्य संगठनों और आम लोगों को भी प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
--आईएएनएस
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