गुजरात में फॉरेन स्टडी लोन की आय सीमा बढ़ी, अब 10 लाख रुपए तक के परिवार उठा सकेंगे लाभ
गांधीनगर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मध्यमवर्गीय परिवारों के उन विद्यार्थियों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का रास्ता आसान हुआ है, जो आर्थिक कारणों से विदेश जाकर पढ़ाई करने में कठिनाई महसूस करते हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार ने फॉरेन स्टडी लोन योजना के तहत विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया है। इससे पहले यह सीमा 6 लाख रुपए थी।
योजना के तहत 12वीं कक्षा पास करने के बाद विदेश में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले अनारक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को 15 लाख रुपए तक की स्टडी लोन सहायता दी जाती है। आय सीमा बढ़ाए जाने से अब पहले की तुलना में अधिक परिवार इस योजना के दायरे में आ सकेंगे।
योजना के लाभार्थी प्रवीण भाई ने बताया कि उनका बेटा ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा है। उसकी पढ़ाई का एक वर्ष पूरा हो चुका है, जबकि एक वर्ष अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि परिवार को इस योजना के तहत 15 लाख रुपए की लोन सहायता मिली है। इसकी किस्तें नियमित रूप से चुकाई जा रही हैं। परिवार पूरी लोन राशि चुकाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एस्पायर स्क्वायर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मौलिक रावल के अनुसार, विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है। विद्यार्थियों को निर्धारित दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिसके बाद लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
गुजरात अनारक्षित शैक्षिक एवं आर्थिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक ए.के. जोशी ने बताया कि योजना की शुरुआत 2018-19 में हुई थी। उस समय से अब तक 16,607 विद्यार्थी इसका लाभ उठा चुके हैं।
उनके मुताबिक, विदेश में अध्ययन के लिए गुजरात सरकार की ओर से अब तक करीब 2,450 करोड़ रुपए की लोन सहायता दी जा चुकी है।
सरकार की ओर से आय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक अधिक विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में पढ़ाई की योजना बना रहे विद्यार्थियों के लिए यह वित्तीय सहायता उच्च शिक्षा की लागत को पूरा करने में मददगार हो सकती है। नई आय सीमा लागू होने के बाद योजना के संभावित लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एसएके/एबीएम
