गुजरात की आंगनबाड़ी बहनों ने बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की रक्षा के लिए 4.50 लाख से ज्यादा राखियां भेजीं
गांधीनगर, 25 अगस्त (आईएएनएस)। 'एक राखी देश के जवानों के नाम' कैंपेन के तहत गुजरात की आंगनबाड़ी बहनों ने बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की रक्षा के लिए राखियां भेजीं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील की मौजूदगी में बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के अधिकारियों को राखी कलश भेंट किए गए।
रक्षा बंधन के पवित्र त्योहार पर देश की सीमाओं पर दिन-रात सेवा कर रहे बहादुर सैनिकों के प्रति सम्मान, आभार और स्नेह जताने के लिए आंगनबाड़ी बहनों ने सैनिकों को रक्षा के प्रतीक के तौर पर 4.50 लाख राखियां भेजी हैं। डिप्टी चीफ हर्ष संघवी की प्रेरणा देने वाली मौजूदगी में बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के अधिकारियों को प्रतीक के तौर पर रक्षा सूत्र कलश भेंट किए गए।
बॉर्डर पर तैनात सैनिक अपने परिवार से दूर रहकर मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित हैं। रक्षाबंधन के मौके पर आंगनबाड़ी बहनों ने महिला और बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील के मार्गदर्शन में ये राखियां भेजी हैं। आंगनबाड़ी बहनों ने यह रक्षा सूत्र उन सेना के जवानों की रक्षा के लिए बनाया है, जो देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और अपने परिवारों से दूर रह रहे हैं।
गुजरात पिछले तीन सालों से 'एक राखी देश के जवानों के नाम' कैंपेन के तहत इन जवानों को यह एहसास दिलाने के लिए एक सराहनीय प्रयोग कर रहा है कि उनकी माताएं और बहनें उनसे जुड़ी हुई हैं।
गुजरात की बहनों ने राखियों के माध्यम से बहादुर सैनिकों को सुरक्षा कवच प्रदान करके भाई-बहन के प्यार के त्योहार को देशभक्तिपूर्ण बना दिया है। यह रक्षा सूत्र सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ के जवानों द्वारा पहना जा रहा है और गांधीनगर स्थित एनडीआरएफ के जवानों ने स्वीकार किया।
इस अवसर पर महिला और बाल विकास सचिव राकेश शंकर, महिला और बाल विकास आयुक्त डॉ. रणजीत कुमार सिंह, महिला और बाल कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बीएलएफ, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ के जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।
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