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गुजरात के शहरों के सर्वांगीण विकास का विजन, एआई टेक्नोलॉजी से स्मार्ट गवर्नेंस की ओर राज्य सरकार के बढ़ते कदम

गांधीनगर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए राज्य सरकार आधुनिक टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गांधीनगर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किए जाने के बाद इस टेक्नोलॉजी को राज्य के शासन में समाविष्ट कर नागरिक सेवा वितरण को समृद्ध बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
गुजरात के शहरों के सर्वांगीण विकास का विजन, एआई टेक्नोलॉजी से स्मार्ट गवर्नेंस की ओर राज्य सरकार के बढ़ते कदम

गांधीनगर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए राज्य सरकार आधुनिक टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गांधीनगर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किए जाने के बाद इस टेक्नोलॉजी को राज्य के शासन में समाविष्ट कर नागरिक सेवा वितरण को समृद्ध बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस दिशा में आगे बढ़ते हुए अहमदाबाद महानगर पालिका (मनपा) क्षेत्र के दायरे में आने वाली समस्या के लिए एक महत्वपूर्ण पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से आने वाले दिनों में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान आसान बनेगा।

अहमदाबाद में भटकती-आवारा गायों के कारण कई बार यातायात समस्या देखने को मिलती है। हाल में अहमदाबाद मनपा की टीम सीसीटीवी कैमरे की सहायता से अलग-अलग क्षेत्रों में आवारा गायों की तस्वीर खींचने के बाद उसमें लगी माइक्रोचिप तथा आरएफआईडी टैग के आधार पर गाय को चिह्नित करती है। यह प्रक्रिया मैन्युअल होने के कारण इसमें समय एवं ऊर्जा का काफी व्यय होता है। इस कार्य को तेज बनाने तथा समय एवं ऊर्जा का व्यय घटाने के लिए अब एआई टेक्नोलॉजी को इस कार्य में शामिल करने के प्रयास शुरू किए गए हैं।

इस समस्या के निवारण के उद्देश्य से गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा एक एजेंसी को एआई मॉडल बनाने का कार्य सौंपा गया है। एजेंसी ने डीप लर्निंग मॉडल द्वारा इस समस्या के निराकरण के लिए कुछ सुझाव प्रस्तुत किए हैं और उनके आधार पर एजेंसी संचालन समिति के समक्ष उनके द्वारा तैयार किया गया मॉडल शीघ्र ही प्रस्तुत करेगी। एजेंसी सीसीटीवी कैमरा द्वारा ली जाने वाली तसवीरों को एआई मॉडल के साथ एकीकृत कर रियल टाइम में गाय तथा उसके मालिक की पहचान करने वाला एआई मॉडल तैयार कर रही है।

एजेंसी ने कम्प्यूटर विजन तथा डीप लर्निंग एआई मॉडल द्वारा इस समस्या का समाधान सुझाया है। इस मॉडल के अंतर्गत एआई गाय के चेहरे को स्कैन करेगा, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण पहचान गाय की नाक के आधार पर होगी। जिस प्रकार हर व्यक्ति की फिंगर प्रिंट अलग-अलग होती है, उसी प्रकार हर गाय के नाक का डिजाइन अलग-अलग होता है।

इसके अलावा, गाय की आंखों व चेहरे पर कोई दाग या निशान हो, तो उसे भी स्कैन किया जाएगा। उसके आधार पर एआई मॉडल उस गाय को भीड़ में चिह्नित कर लेगा और डेटाबेस के साथ मैच कर गाय के मालिक का विवरण भी प्रस्तुत कर देगा।

हाल में अहमदाबाद में लगभग 1 लाख 10 हजार गायों में आरएफआईडी टैग तथा माइक्रो चिप लगी हुई हैं। उसका डेटाबेस अहमदाबाद मनपा द्वारा संरक्षित किया जाता है। शहर में 130 जंक्शन पर कैमरा द्वारा आवारा गायों की तसवीरें ली जाती हैं। एआई आधारित यह सॉल्यूशन यदि कारगर सिद्ध होगा, तो मनपा क्षेत्र में आवारा गायों के कारण होने वाली यातायात व अन्य समस्याओं के शीघ्र निवारण में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से सरकार का आवारा गायों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोककर सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने और डेटा आधारित निरीक्षण व्यवस्था को प्रस्थापित करने का उद्देश्य है।

--आईएएनएस

एसके/