गुजरात के सभी शहरी क्षेत्रों में दैनिक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लागू हो रहा है ‘मिशन डेली वॉटर सप्लाई’
गांधीनगर, 6 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार की राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में दैनिक जलापूर्ति और सुरक्षित पेयजल तक समान पहुंच सुनिश्चित कर राज्य को टिकाऊ शहरी जल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की मंशा है।
इसी उद्देश्य से शहरी विकास वर्ष 2025 के दौरान राज्य के शहरी क्षेत्रों के जल संसाधनों में 92.97 एमएलडी तथा ट्रांसमिशन सिस्टम्स में 528.35 किलोमीटर की वृद्धि की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में दैनिक आधार पर जलापूर्ति करने के लिए ‘मिशन डेली वॉटर सप्लाई’ जैसी पहल लागू की जा रही है। इस मिशन के अंतर्गत राज्य सरकार विभिन्न वॉटर सप्लाई तथा सेनिटेशन संबंधी परियोजनाएं शुरू करने एवं पहलों के लिए शहरी स्थानीय निकायों को सहायता प्रदान करती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड क्लास सिटी डेवलपमेंट को तेजी देने के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ के रूप में घोषित किया गया है और इस वर्ष के दौरान राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हाल में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा पहलों के अंतर्गत 103 शहरों में दैनिक आधार पर जलापूर्ति की जा रही है। शेष शहरों में से 30 शहरों में विभिन्न योजनाओं के तहत जलापूर्ति के कार्य प्रगति पर हैं। राज्य के शेष 32 स्थानीय निकायों में दैनिक जलापूर्ति हो, इसके लिए मिशन डेली वॉटर सप्लाई लागू किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न घटकों के कार्यों का आयोजन किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में पानी के समान वितरण तथा अन्य जल संसाधन संबंधित सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग करने के लिए प्रमुख महानगरों में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) सिस्टम सफलतापूर्वक लागू किया गया है। यह सिस्टम लीक डिटेक्शन, लो प्रेशर पॉकेट, नॉन-रेवेन्यू वॉटर (एनआरडब्लू) में कमी, जरूरी दबाव के साथ प्रति व्यक्ति जलापूर्ति में सुधार, जरूरी पंपिंग कार्यक्षमता के साथ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण, वॉल्व मॉनिटरिंग आदि में सहायता करता है। इस सिस्टम के कारण एनआरडब्लू से होने वाले नुकसान में कमी आई है और पानी के समान वितरण तथा अन्य जल संसाधन सेवाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हुई है।
उल्लेखनीय है कि डेली वॉटर सप्लाई मिशन तथा जलापूर्ति संबंधी अन्य योजनाओं एवं पहलों के क्रियान्वयन से आम लोगों को प्रतिदिन पीने योग्य पानी मिलेगा, जिससे दीर्घावधि के लिए जल संग्रह करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रतिदिन पीने का पानी उपलब्ध होने से पानी के अन्य स्रोतों पर निर्भरता भी घटेगी। शहरों के सुगठित तथा योजनापूर्वक विकास से शहरों में बसने वाले नागरिकों को ‘ईज ऑफ लिविंग’ का अनुभव प्रदान करने के लिए राज्य सरकार का शहरी विकास विभाग प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
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