गुजरात: सीएम भूपेंद्र पटेल की समीक्षा बैठक, राज्य में पेट्रोल-डीजल और गैस की पर्याप्त आपूर्ति
गांधीनगर, 28 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में राज्य में पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और लोगों तक उन्हें आसानी से पहुंचाने के इंतजामों की समीक्षा की गई।
इस बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि फ़िलहाल पूरे राज्य में गैस, पेट्रोल, डीजल और खाद समेत सभी जरूरी चीजों की काफी सप्लाई मौजूद है। यही नहीं, राज्य सरकार ने यह भी पक्का किया है कि भविष्य में भी यह सप्लाई काफी मात्रा में उपलब्ध रहे।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, ऊर्जा मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल और नागरिक आपूर्ति मंत्री रमनभाई सोलंकी भी मौजूद थे और उन्होंने कई सुझाव दिए।
मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए, देश के राज्यों में पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई की स्थिति के बारे में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद, शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ सचिवों की एक बैठक हुई।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि फ़िलहाल सभी विभागों को चौकस रहना होगा और तालमेल व टीम वर्क के साथ काम करना होगा, ताकि लोगों को जरूरी चीजों की सप्लाई आसानी से मिल सके।
इस सिलसिले में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों को तेजी से लागू किया जाना चाहिए और नए पीएनजी कनेक्शन तुरंत दिए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया था कि ऐसे कनेक्शनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर घरों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को।
गुजरात देश का ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा 23 प्रतिशत पीएनजी गैस कनेक्शन हैं। इसके अलावा, देश के 12 प्रतिशत सीएनजी फ़िलिंग स्टेशन इसी राज्य में चल रहे हैं। राज्यों को ज्यादा से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद, राज्य में नए कनेक्शन देने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। पिछले 10 दिनों में, 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से ज्यादा नए कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं।
इस बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि राज्य में 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इतना ही नहीं, राज्य सरकार तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन घरेलू कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार ने एलपीजी कनेक्शन धारकों की किसी भी समस्या के तत्काल समाधान के लिए एक हेल्पलाइन सक्रिय की है, और अब तक 10,000 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के लोगों को मुफ्त पेट्रोल, डीजल और एलपीजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने गैस जैसी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने, दोषियों को सख्ती से पकड़ने और उन्हें अनुकरणीय दंड देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, लोगों के मन में कमी या अभाव को लेकर जो झूठा डर बैठा हुआ है, उसे दूर किया जा सकता है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राज्य में उर्वरक (खाद) की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और कृषि विभाग ने ऐसी योजनाएं बनाई हैं, जिससे खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरक को लेकर किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के बंदरगाहों पर कार्गो (माल) के सुचारू प्रबंधन और निगरानी सुनिश्चित करने, तथा भीड़भाड़ के कारण आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में कोई व्यवधान न आने देने के संबंध में भी निर्देश दिए।
सीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि मजदूरी का भुगतान समय पर हो, ताकि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण राज्य के श्रमिकों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने और जिलों में आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के संबंध में मार्गदर्शन देने के लिए, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक 'राज्य स्तरीय समन्वय समिति' गठित करने का निर्णय लिया गया। इसी तर्ज पर, जिला स्तर पर गठित होने वाली समन्वय समिति की अध्यक्षता संबंधित जिले के कलेक्टर करेंगे।
इस वैश्विक संकट के समय में, यदि अनिवासी गुजरातियों (एनआरआई) को आवश्यकता महसूस होती है, तो उनकी सहायता के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की गई है; साथ ही एनआरआई विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे अनिवासी गुजरातियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें।
इस बैठक में मुख्य सचिव एमके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिवगण, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, सचिव डॉ. अजय कुमार और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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