गुजरात: चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद शुरू, हजारों किसानों ने कराया पंजीकरण
जामनगर, 27 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात की अनाज मंडियों में इन दिनों रौनक छाई हुई है। बड़ी संख्या में चना और सरसों उत्पादक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं।
इस बार गुजरात सरकार ने किसानों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी कवच उपलब्ध कराने के मकसद से चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, पूरे राज्य में चना की खरीद के लिए 165 और सरसों की खरीद के लिए 60 केंद्र बनाए गए हैं। जामनगर के एपीएमसी हापा यार्ड में भी किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
जामनगर के किसान चंद्रेश भाई डोबरिया ने कहा कि मैं नानी मठ्ठी गांव से आया हूं। मैंने चने की बुवाई की थी। आज मैं उन्हें सरकारी टेका भाव पर बेचने के लिए यहां आया हूं। पहले बाजार में चने का भाव कम था। इस बार सरकारी खरीद केंद्रों पर उम्मीद के मुताबिक ज्यादा दाम मिल रहे हैं।
जामनगर के थरवाडा गांव से आए किसान विमल काडिया ने कहा कि सरकारी दरों पर चने की खरीदी शुरू हुई है, जिसमें सरकार ने उचित भाव तय किया है। हमें अन्य मंडी में कम दाम मिल रहे थे, इसलिए हम यहां सरकारी समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने आए हैं। यहां पेमेंट की सुविधा बहुत अच्छी और तेज है, इसलिए हम सभी किसान भाई यहां अपनी फसल बेचने के लिए आए हैं।
जिला कृषि अधिकारी आरएस गोहेल ने कहा कि सरकार ने चने और रायड़ा की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत चना के 1,175 रुपए प्रति 20 किलो और रायड़ा के 1,210 रुपए प्रति 20 किलो भाव तय किए गए हैं। इसमें जामनगर जिले में चने की फसल के लिए लगभग 34,800 किसानों ने पंजीकरण कराया है और रायड़ा की फसल के लिए 2,760 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के दौरान किसी गड़बड़ी को रोकने के लिए पहली बार ‘आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक’ और ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ प्रोसेस लागू किया है। जाहिर है कि इससे बिचौलिए खत्म होंगे और असली किसानों को ही एमएसपी का लाभ होगा।
हापा के एपीएमसी अध्यक्ष मुकंद सभाया ने कहा कि किसानों में काफी खुशी है, क्योंकि उन्हें चना का उचित भाव मिल रहा है। यह पिछले भावों की तुलना में ज्यादा है। रायड़ा में भी उचित दाम मिल रहे हैं। जब भी जरूरत पड़ी है, राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी रही है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों पर भीड़ को रोकने और किसानों की सहूलियत के लिए उन्हें पहले से तय समय पर एसएमएस के जरिए बुलाने का भी इंतजाम किया है। वहीं, बजुर्ग और बीमार किसानों की मदद के लिए मंडी में उन्हें अपना नॉमिनी भेजने की अनुमति भी दी गई है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए चना और सरसों की उनकी पूरी उपज को एमएसपी पर खरीदने का आश्वासन भी दिया है।
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