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गुजरात: जीएसवी बना ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र, वीजीआरसी में चमकेगी वडोदरा की पहचान

गांधीनगर, 30 मई (आईएएनएस)। भारत तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ऐसे समय में कुशल और भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन विकसित करना देश की बड़ी जरूरत बन गया है। इसी लक्ष्य के साथ 6 दिसंबर 2022 को वडोदरा में स्थापित गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) देश की पहली और एकमात्र परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रित केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है।
 
गुजरात: जीएसवी बना ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र, वीजीआरसी में चमकेगी वडोदरा की पहचान

गांधीनगर, 30 मई (आईएएनएस)। भारत तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ऐसे समय में कुशल और भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन विकसित करना देश की बड़ी जरूरत बन गया है। इसी लक्ष्य के साथ 6 दिसंबर 2022 को वडोदरा में स्थापित गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) देश की पहली और एकमात्र परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रित केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है।

आगामी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के संदर्भ में भी जीएसवी वडोदरा की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार क्षमता और उद्योग आधारित कौशल विकास मॉडल का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन वडोदरा को ज्ञान, नवाचार और निवेश के उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

वडोदरा के लालबाग क्षेत्र में स्थित यह विश्वविद्यालय केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। जीएसवी का मॉडल पूरी तरह उद्योग-आधारित और नवाचार-केंद्रित है। यहां रेलवे, एविएशन, मैरीटाइम, रोड एवं हाईवे, मेट्रो रेल, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। आधुनिक कक्षाओं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस यह संस्थान छात्रों को वैश्विक करियर के लिए तैयार कर रहा है। साथ ही, वाघोडिया में नए परिसर के निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।

वर्तमान में देश के 23 से अधिक राज्यों के 1,000 से ज्यादा छात्र यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति से जुड़े हुए हैं, जो देश के विकास लक्ष्यों को समर्थन देते हैं।

जीएसवी में वीटेक, एमटेक, एमबीए और पीएचडी जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। एआई और डेटा साइंस, एविएशन इंजीनियरिंग और मैरीटाइम इंजीनियरिंग जैसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था के लिए तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय हर वर्ष भारतीय रेलवे, रक्षा बलों और मित्र देशों के 1,100 से अधिक अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी देता है।

विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी ताकत इसका व्यावहारिक शिक्षण मॉडल है। छात्रों को उद्योग इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, हैंड्स-ऑन लर्निंग और भारतीय रेलवे के प्रशिक्षण संस्थानों के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि एयरबस, एल एंडटी, सिमेन्स, अमेजन, डीआरडीओ, एसएपी, नोकिया, डीएफसीसीआईएल, भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने जीएसवी के साथ साझेदारी की है।

रोजगार के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने शानदार प्रदर्शन किया है। 60 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट में भाग ले चुकी हैं। विश्वविद्यालय ने 2025 में 91 प्रतिशत और 2026 में 89 प्रतिशत का उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड दर्ज किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गति शक्ति विश्वविद्यालय न केवल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए नया नेतृत्व तैयार कर रहा है, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। आगामी वीजीआरसी के माध्यम से वडोदरा की शिक्षा, नवाचार और निवेश क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी