गृह मंत्री को सदन में बताना होगा कि छात्रों पर कैसे चलीं कील वाली लाठियां और पैलेट गन : प्रमोद तिवारी
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में लगातार गतिरोध के कारण कार्यवाही बुरी तरह बाधित हो रही है। विपक्ष पेपर लीक, दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। इस बीच कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर संविधान के अनुसार जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आईएएनएस से कहा, "मैं मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का समर्थन करता हूं। गृह मंत्री को सदन में आकर संविधान के अनुसार जवाब देना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि बल प्रयोग कैसे किया गया, प्रदर्शनकारियों को कील लगी लाठियों से कैसे पीटा गया और जानलेवा हो सकने वाले छर्रे (पैलेट गन) कैसे चलाए गए। उन्हें लड़कियों और युवतियों के साथ पुलिसकर्मियों के कथित दुर्व्यवहार और अभद्र व्यवहार के बारे में भी जवाब देना चाहिए। इस पर अगर उनकी चुप्पी जारी रही तो इसका मतलब वो सदन का अपमान कर रहे हैं।"
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राहुल गांधी पर सुविधा के अनुसार राजनीति के आरोप पर प्रमोद तिवारी ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान कैबिनेट से अपनी जगह खो चुके हैं और रंगेहाथों पकड़े गए हैं। देशभर में उनकी प्रतिष्ठा पहले कभी इतनी नहीं गिरी थी। ऐसा व्यक्ति राहुल गांधी के बारे में क्या कह सकता है? राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज उठाई और उनकी चिंताओं को उठाया। शिक्षा मंत्री के तौर पर उन चिंताओं को दूर करना धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी थी। अगर आज उन्होंने इस्तीफा दिया है, तो राहुल गांधी द्वारा संसद में छात्रों की चिंताओं को उठाना ही इसकी मुख्य वजह थी। ऐसे व्यक्ति के पास राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"
जेल में रहते हुए पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल इस्तेमाल करने पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "उनके पिता मंत्री रहे हैं और उनके दादा देश के प्रधानमंत्री थे। वे खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ जैसा व्यवहार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। अब जब वे जेल में हैं, तो वहां भी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"
वहीं, एयर इंडिया के पायलट के डोप टेस्ट पर कांग्रेस सांसद ने कहा, "यह सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के कामकाज के तरीके को दिखाता है। जब कोई व्यक्ति टिकट खरीदकर फ्लाइट में चढ़ता है, तो एयरलाइन उसकी सुरक्षा और आराम की गारंटी देती है लेकिन यहाँ क्या हो रहा है? नशे की हालत में एक पायलट यात्री विमान उड़ा रहा है। मेरा मानना है कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है और उसे संसद में इसका जवाब देना चाहिए।"
--आईएएनएस
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