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ग्रेटर नोएडा: पानी की गुणवत्ता की रैंडम जांच दूसरे दिन भी जारी, 22 से अधिक स्थानों पर लिए सैंपल

ग्रेटर नोएडा, 10 जनवरी (आईएएनएस)। शहर में स्वच्छ और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा शुरू किए गए पानी की गुणवत्ता का रैंडम जांच अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को प्राधिकरण की आठ टीमों ने शहर के 22 से अधिक स्थानों की गुणवत्ता की जांच की।
 
ग्रेटर नोएडा: पानी की गुणवत्ता की रैंडम जांच दूसरे दिन भी जारी, 22 से अधिक स्थानों पर लिए सैंपल

ग्रेटर नोएडा, 10 जनवरी (आईएएनएस)। शहर में स्वच्छ और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा शुरू किए गए पानी की गुणवत्ता का रैंडम जांच अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को प्राधिकरण की आठ टीमों ने शहर के 22 से अधिक स्थानों की गुणवत्ता की जांच की।

जांच के दौरान अब तक सभी जगह से पानी की रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई है। यह अभियान 12 जनवरी तक चलाया जाएगा। प्राधिकरण की टीमें सेक्टर अल्फा-1 और अल्फा-2, बीटा-1 और बीटा-2, नॉलेज पार्क-1, 2 व 3, ज्यू-1, म्यू-वन, ईकोटेक-1, 6, 7 व 8, टेकजोन-4, सेक्टर-10 तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न आवासीय सोसायटियों में पहुंचीं।

टीमों ने मौके पर जाकर पानी की सप्लाई का परीक्षण किया। जांच के लिए टीडीएस मीटर, पीएच मीटर और क्लोरीन किट जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। सभी सैंपलों में पानी के मानक तय मानकों के अनुरूप पाए गए।

जांच के दौरान टीमों ने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद भी किया और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से फीडबैक लिया। निवासियों ने जांच अभियान की सराहना की और इसे जनहित में महत्‍वपूर्ण कदम बताया। इसके साथ ही जहां-जहां जांच की गई, वहां के लोगों से पानी की गुणवत्ता को लेकर नाम, मोबाइल नंबर और पते के साथ लिखित बयान भी दर्ज किए गए।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने एहतियात के तौर पर शहर के विभिन्न हिस्सों से पानी की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर वर्क सर्किल वाइज आठ टीमों का गठन कर यह अभियान शुरू किया गया है।

दूसरे दिन लगभग 100 से अधिक घरों में पानी की गुणवत्ता की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा प्राधिकरण ने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च लैब की दो टीमों को भी तैनात किया है, जो स्वतंत्र रूप से पानी के सैंपलों की जांच कर रही हैं। ये टीमें जलापूर्ति लाइनों में किसी भी तरह के लीकेज, सीवर चोकिंग या ओवरफ्लो तथा ड्रेन-सीवर-पानी कनेक्शन प्वाइंट्स की भी गहन जांच कर रही हैं।

यूजीआर, पंपिंग स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से भी सैंपल लिए जा रहे हैं। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर में स्वच्छ जलापूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति की जानकारी मिलती है तो तुरंत प्राधिकरण के जल विभाग को सूचित करें।

इसके लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि पानी की मोटर केवल सप्लाई के समय ही चलाएं, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएसएच