ग्रेटर नोएडा: मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, दो बदमाश गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा, 22 जुलाई (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में मोबाइल फोन स्नैचिंग की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच थाना नॉलेज पार्क पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोबाइल स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 25 छीने गए मोबाइल फोन, दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनसे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को नॉलेज पार्क थाने की पुलिस टीम ने ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, अवैध हथियार और फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद हुई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजान पठान (23 वर्ष) पुत्र मरदान निवासी तिरथली, थाना रबूपुरा, जनपद गौतमबुद्धनगर तथा फरमान (22 वर्ष) पुत्र शहजाद उर्फ सरदार निवासी खाद गोदाम के पास, झाझर, थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार फरमान का मूल निवास खीरखानी मोहल्ला, खुर्जा नगर, जनपद बुलंदशहर है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नॉलेज पार्क और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही राहगीरों के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर तेज रफ्तार मोटरसाइकिल से फरार हो जाते थे।
इसके बाद महंगे स्मार्टफोन को बेहद कम कीमत पर बेचकर अवैध रूप से धन अर्जित करते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह काफी समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था और कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता हो सकती है। बरामदगी में विभिन्न कंपनियों के कुल 25 मोबाइल फोन, दो अवैध तमंचे .315 बोर, दो जिंदा कारतूस तथा फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल शामिल है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। इस संबंध में थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा बीएनएस की अन्य धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा छीने गए मोबाइल किन-किन माध्यमों से बेचे जाते थे।
--आईएएनएस
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