ग्रेटर नोएडा में स्वास्थ्य विभाग का निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 23 लोगों की हुई जांच
ग्रेटर नोएडा, 7 जनवरी (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गौतम बुद्ध नगर डॉ. नरेंद्र कुमार के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में रह रहे नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच करना और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
शिविर का आयोजन चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डाढा, दनकौर के माध्यम से किया गया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में डेल्टा वन क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा उल्टी और दस्त जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने का निर्णय लिया, ताकि प्रभावित लोगों को समय रहते उपचार मिल सके और किसी भी संभावित बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
इस चिकित्सा शिविर में डॉक्टर शिल्पी शुक्ला ने मरीजों की जांच कर उन्हें परामर्श दिया। उनके साथ फार्मासिस्ट वेद प्रकाश ने आवश्यक दवाइयों का वितरण किया, जबकि स्टाफ नर्स कुसुम ने मरीजों की प्राथमिक जांच और देखभाल की।
शिविर के दौरान वार्ड बॉय कृष्णा कुमार ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिविर के दौरान कुल 23 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 7 मरीज उल्टी और दस्त से प्रभावित पाए गए, जिन्हें तत्काल दवाइयां दी गईं और खान-पान से संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
चिकित्सकों ने मरीजों को स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और लक्षण बढ़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन पेयजल की गुणवत्ता की भी जांच कराने का निर्णय लिया। इसके तहत डेल्टा वन क्षेत्र के 5 घरों से पेयजल के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर घबराएं नहीं और तुरंत सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
साथ ही, साफ पानी का उपयोग करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
--आईएएनएस
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