ग्रेटर नोएडा में चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 50 लाख के जेवर और नकदी बरामद
ग्रेटर नोएडा, 29 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सूरजपुर पुलिस ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से लगभग 50 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए आभूषण, 1 लाख 65 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त एक ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को थाना सूरजपुर पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी अलग-अलग जनपदों के निवासी हैं और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में रह रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी ऑटो में बैठकर दिल्ली और एनसीआर के नोएडा क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों और सेक्टरों में बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका मिलते ही घरों के ताले और ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश कर लाखों रुपये के जेवर और नगदी चोरी कर फरार हो जाते थे।
गिरोह के सदस्य चार से पांच लोगों के समूह में काम करते थे, जिनमें से एक या दो सदस्य बाहर रहकर निगरानी करते थे जबकि बाकी सदस्य चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 21 मई को ओमीक्रोन-3 स्थित एक बंद मकान में खिड़की तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण और 3.70 लाख रुपये नगद चोरी किए थे। इसके अलावा 24 मई को डेल्टा-1 क्षेत्र में दो अलग-अलग बंद मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। इन मामलों में थाना सूरजपुर में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा बरामद सामान में सोने-चांदी की चैन, हार, कंगन, अंगूठियां, पायल, बिछुए, मंगलसूत्र, झुमके, टॉप्स, सिक्के और अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं। साथ ही एक ऑटो नंबर भी बरामद किया गया है जिसका इस्तेमाल वारदातों में किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार सभी आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। इन पर चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
--आईएएनएस
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