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सरकार ने सोने-चांदी के ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में की कटौती; गोल्ड पर 3.1 प्रतिशत और सिल्वर पर करीब 9 प्रतिशत की कमी

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आभूषणों तथा अन्य कीमती धातु उत्पादों के निर्यात पर मिलने वाली ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में कटौती कर दी है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, गोल्ड ज्वैलरी पर मिलने वाले ड्यूटी रिफंड में 3.1 प्रतिशत और चांदी के आभूषणों एवं अन्य उत्पादों पर मिलने वाले रिफंड में करीब 9 प्रतिशत की कमी की गई है। इस फैसले से भारतीय ज्वैलरी निर्यातकों को पहले के मुकाबले कम वित्तीय लाभ मिलेगा और उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।
 

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आभूषणों तथा अन्य कीमती धातु उत्पादों के निर्यात पर मिलने वाली ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में कटौती कर दी है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, गोल्ड ज्वैलरी पर मिलने वाले ड्यूटी रिफंड में 3.1 प्रतिशत और चांदी के आभूषणों एवं अन्य उत्पादों पर मिलने वाले रिफंड में करीब 9 प्रतिशत की कमी की गई है। इस फैसले से भारतीय ज्वैलरी निर्यातकों को पहले के मुकाबले कम वित्तीय लाभ मिलेगा और उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।

ड्यूटी ड्रॉबैक वह व्यवस्था है जिसके तहत निर्यातकों को उन कस्टम और अन्य शुल्कों का रिफंड मिलता है जो निर्यात के लिए तैयार किए गए उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल या इनपुट पर चुकाए गए होते हैं। इसका उद्देश्य निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाना और उत्पादन लागत का बोझ कम करना होता है।

नए संशोधन के बाद सोने के आभूषणों के निर्यात पर मिलने वाला ड्यूटी ड्रॉबैक 1,851.99 रुपए प्रति ग्राम से घटाकर 1,794.11 रुपए प्रति ग्राम कर दिया गया है। यानी गोल्ड ज्वैलरी निर्यातकों को अब प्रति ग्राम कम रिफंड मिलेगा।

वहीं चांदी से जुड़े उत्पादों पर कटौती और भी अधिक की गई है। चांदी के आभूषणों और अन्य वस्तुओं के निर्यात पर मिलने वाली दर 29,501.09 रुपए प्रति किलोग्राम से घटाकर 26,859.02 रुपए प्रति किलोग्राम कर दी गई है। इससे चांदी निर्यातकों को लगभग 9 प्रतिशत तक का झटका लगा है।

दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने इसी वर्ष जुलाई में ज्वैलरी निर्यात उद्योग को राहत देते हुए ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में बड़ा उछाल किया था। उस समय बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए गोल्ड ज्वैलरी पर मिलने वाला रिफंड 773.17 रुपए प्रति ग्राम से बढ़ाकर 1,851.99 रुपए प्रति ग्राम कर दिया गया था।

इसी तरह चांदी के उत्पादों पर मिलने वाली दर 14,990.66 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 29,501.09 रुपए प्रति किलोग्राम की गई थी। उस फैसले को भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था।

इस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव ज्वैलरी निर्यातकों, बुलियन कारोबारियों और उन कंपनियों पर पड़ने की संभावना है जो बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण विदेशों में निर्यात करती हैं। कम रिफंड मिलने से उनकी लागत बढ़ सकती है और कुछ मामलों में निर्यात लाभप्रदता भी प्रभावित हो सकती है।

हालांकि उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में मांग मजबूत बनी रहती है तो निर्यात पर इसका प्रभाव सीमित रह सकता है। लेकिन अल्पकाल में यह निर्णय निश्चित रूप से कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी