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गोरखपुर में अवैध हथियार तस्करी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, दो पिस्टल बरामद

लखनऊ, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग अंडरपास के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दो अवैध पिस्टल, दो मैगजीन और एक कारतूस बरामद किया गया।
 

लखनऊ, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग अंडरपास के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दो अवैध पिस्टल, दो मैगजीन और एक कारतूस बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश में इंदौर के रहने वाले रहने बिट्टू इन्दौरी उर्फ देवेन्द्र सक्सेना के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल था और उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से .32 बोर की दो पिस्टल और .32 बोर का एक कारतूस बरामद हुआ। गिरफ्तारी शनिवार शाम करीब 7:15 बजे कौवाबाग अंडरपास के निकट की गई।

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित हो रहा था। गिरोह के सदस्य पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जिलों में सक्रिय थे। स्थानीय लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर अवैध पिस्टलों की आपूर्ति की जाती थी और प्रत्येक हथियार पर 20 से 30 हजार रुपए तक का मुनाफा कमाया जाता था।

एसटीएफ के अनुसार इससे पहले भी 14-15 सितंबर 2026 को गिरोह के पांच सदस्यों को पांच पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 5 अक्टूबर 2026 को एक अन्य सदस्य को दो पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था।

पूछताछ में देवेन्द्र सक्सेना ने बताया कि वह पहले चार पहिया वाहन चलाता था। एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और वह जेल गया। मध्य प्रदेश की सेंधवा जेल में उसकी मुलाकात हथियार तस्करी के आरोपी श्रेयांश यादव से हुई। वहीं से वह इस कारोबार से जुड़ गया।

आरोपी ने बताया कि वह स्थानीय कारीगरों से 15 से 30 हजार रुपए में अवैध हथियार खरीदता था और उन्हें 35 से 40 हजार रुपए में आगे बेच देता था। गोरखपुर तक हथियार पहुंचाने के लिए वह अलग से 10 हजार रुपए वसूलता था।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार से पांच वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी के धंधे में सक्रिय है। उसने बताया कि हाल में गिरोह के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल में उनका नेटवर्क कमजोर पड़ गया था। इसी दौरान रणधीर यादव की मांग पर वह दो पिस्टल लेकर गोरखपुर आया था, जहां एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।

एसटीएफ के अनुसार आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई स्थित डीएन नगर थाने में भी आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण और निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर की टीम ने की। अभियान में कैंट थाना पुलिस ने भी सहयोग किया।

गिरफ्तार आरोपी को कैंट थाने में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी