गोमती में छोड़े गए मछलियों के एक लाख बच्चे, जलीय पारिस्थितिकी और मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को 'फिश रिवर रैंचिंग प्रोग्राम 2026-27' के तहत गोमती नदी में मछलियों के एक लाख बच्चों को छोड़ा गया। लक्ष्मण पार्क के पास आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद शामिल हुए। दोनों मंत्रियों की मौजूदगी में मछलियों के बच्चों (फिंगरलिंग्स) को नदी में प्रवाहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य नदियों में मछलियों के संरक्षण को बढ़ावा देना, जलीय पारिस्थितिकी का संतुलन बनाए रखना और मत्स्य पालन पर निर्भर लोगों की आजीविका को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया है। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश की नदियों में मछलियों के बच्चों को छोड़ना बेहद जरूरी है।
ब्रजेश पाठक ने पिछली सरकारों पर इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद ने निषाद समुदाय के हितों के लिए लगातार काम किया है और राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के प्रयास किए हैं। इससे मछली पालन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिली है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में नाव संचालकों को बीमा कवर उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नाव चलाकर आजीविका कमाने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने में मदद मिलेगी। ब्रजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेहतर चुनाव प्रबंधन के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनावों में जीत हासिल कर रही है। भाजपा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों का समर्थन करती है।
उप मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद विपक्ष अपनी साख बचाने के लिए बेबुनियाद बयान देता है। भाजपा चुनावी ईमानदारी और पारदर्शिता में विश्वास रखती है।
मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में पिछली सरकारों ने इस विषय पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत नदियों में मछलियों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जलीय जीवन को बनाए रखना, मत्स्य पालन पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य की विभिन्न नदियों में मछलियों के बच्चों को छोड़ा जा रहा है।
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